फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लखनऊ: मुठभेड़ में गिरफ्तार हुआ इनामी बदमाश, पैर में लगी गोली; मुनीम से हुई लूट का था मुख्य आरोपी

Thu, 10 Apr 2025 12:43 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

एसटीएफ ने बुलियन व्यापारी पंकज अग्रवाल के मुनीम से हुई लूट के मामले में वांछित चल रहे एक लाख के इनामी वैभव सिंह को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने पीजीआई इलाके में घेराबंदी की। 
विज्ञापन
आरोपी वैभव सिंह - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

एसटीएफ ने बुलियन व्यापारी पंकज अग्रवाल के मुनीम से हुई लूट के मामले में वांछित चल रहे एक लाख के इनामी वैभव सिंह को मुठभेड़ में गिरफ्तार कर लिया। मुखबिर की सूचना पर एसटीएफ ने पीजीआई इलाके में घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखते ही वैभव ने फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में वैभव के पैर में गोली लगी। आरोपी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

विज्ञापन


एसटीएफ में डिप्टी एसपी दीपक कुमार सिंह के मुताबिक वैभव हरदोई के मझगवां रामगुलाम, बधौली का रहने वाला है। आरोपी के पास से एक अवैध पिस्टल, कारतूस, तीन खोखा, एक बाइक और 1570 रुपये बरामद किए गए हैं। डिप्टी एसपी ने बताया कि 28 मार्च को विकासनगर में आरोपी ने साथियों के साथ मिलकर मुनीम से लूटपाट की थी।

ये भी पढ़े-  यूपी: प्रदेश में बदला मौसम, कई जिलों में आंधी के साथ बारिश और ओले, 50 किमी प्रतिघंटा से चल सकती हैं हवाएं; ये हैं पूर्वानुमान
विज्ञापन

 
ये भी पढ़े-  अवध में बदला मौसम: लखनऊ में दिन में छाया अंधेरा, जिलों में गेहूं की पकी फसल गिरी, सीतापुर में दो मौतें

बुधवार शाम को पता चला कि वैभव पीजीआई इलाके में किसी से मिलने आ रहा है। टीम बनाकर घेराबंदी की गई। डलौना क्राॅसिंग अंडर के पास पुलिस ने वैभव को रोका तो उसने गोली चला दी। पुलिस ने आरोपी को पीजीआई ट्रामा सेंटर में भर्ती कराया है।

व्यापारी के ड्राइवर ने रची थी साजिश
लूट की साजिश व्यापारी के ड्राइवर प्रेम बहादुर सिंह ने ही रची थी। प्रेम बहादुर, उसके चचेरे भाई सोनेंद्र और गौरव मिश्रा को एसटीएफ ने गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया था। आरोपी के एक अन्य साथी एक लाख के इनामी सुशील मिश्रा को प्रयागराज से पकड़ा गया था।

प्रेम बहादुर सिंह ने साथियों को बताया था कि मुनीम अमित सैनी व्यापारी पंकज अग्रवाल के अलग अलग स्टोर से रुपये लेकर बाइक से आता जाता है। प्रेम बहादुर ने ही मुनीम की रेकी भी कराई थी। वैभव सिंह उपरोक्त कई मामलों में करीब आठ साल तक हरदोई व सीतापुर जेल में बंद था।
विज्ञापन


इस घटना को अंजाम देने के लिए वैभव सिंह ने सुशील मिश्रा के साथ मिलकर अन्य साथियों को बुलाया था। लूट में वैभव, सोनेंद्र, सतीश सिंह अनुज मौर्या, गौरव मिश्रा व सुशील मिश्रा शामिल थे।

आरोपी पर दर्ज हैं कई मुकदमे
वैभव पर वर्ष 2014 में हरदोई में प्रमुख सचिव, खाद्य एवं रसद बनकर कई कोटेदारों से वसूली का केस दर्ज किया गया था। वर्ष 2016 में सेक्स रैकेट चलाने के आरोप में भी एफआईआर हुई। इसके अलावा वर्ष 2020 में आरोपी ने पारा इलाके में लूट की थी। वर्ष 2021 में हरदोई में फिर से लूट की घटना की। वर्ष 2024 में जानकीपुरम इलाके में एक मकान में चोरी की थी। इस मामले में भी वह वांछित था।

और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें