छह जुलाई को सील हुई बिल्डिंग में खरगोश बंद होने की शिकायत ने एलडीए के इंजीनियर्स और अधिकारियों को बृहस्पतिवार को सकते में ला दिया। यह बिल्डिंग लखनऊ के विपुलखंड में भूखंड संख्या सी 4/2 पर एलडीए ने आवासीय में कॉमर्शियल उपयोग के चलते बंद की थी। हालांकि शुक्रवार को एलडीए की टीम ने बिल्डिंग से दो खरगोश रेस्क्यू करवाए।
हालांकि एक दिन पहले तक एलडीए के इंजीनियर्स का कहना था कि 15 दिन के बाद खरगोश और कुत्ते सील कॉम्प्लेक्स में होने के पीछे सिर्फ सील खुलवाने का प्रयास है।
यह मामला उस समय सामने आया जबकि एलडीए के वीसी प्रभु एन सिंह के पास एक शिकायत पहुंची। इसमें कल्याण सेवा संस्थान नामक संस्था की सचिव मधु पांडेय ने बेजुबान दो खरगोश को बाहर निकालने की मांग की।
इसके बाद ओएसडी राजेश शुक्ला ने जोन के एक्सईएन रोहित खन्ना को कार्यवाही के लिए कहा। एक्सईएन ने सचिव जयशंकर दुबे और ओएसडी राजेश शुक्ला को रिपोर्ट दी कि देर शाम पुलिस फोर्स के बिना सील नहीं खोली जा सकती।
इसकी वजह सैलून के बाहर कई लोगों की मौजूदगी पहले से होना बताया गया।अधिकारियों का कहना है कि इससे पहले सैलून के संचालक ने हाईकोर्ट में भी याचिका की थी। इसमें दो कुत्ते और दो खरगोश होने की बात कही गई।