प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा मन की बात में ग्रामीण एवं पारंपरिक खेलोें को बढ़ावा देने के संदेश व राज्यपाल आनंदीबेन पटेल के प्रस्ताव पर लखनऊ विश्वविद्यालय ने पारंपरिक खेलों को बढ़ावा देने की कवायद शुरू कर दी है।
कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय ने विश्वविद्यालय की क्रीड़ा परिषद को इसकी रूपरेखा तैयार करने का निर्देश दिया है।
पीएम ने अपने संदेश में प्रचलित पारंपरिक खेलों जिनमें कुश्ती, कबड्डी, खो-खो, रस्साकसी, गिल्ली-डंडा, शतरंज, तीरंदाजी, पतंगबाजी आदि को बढ़ावा देने की बात कही थी।
इसी क्रम में प्रो. राय ने क्रीड़ा परिषद के सचिव प्रो. रूपेश कुमार ने पारंपरिक खेलों के विकास हेतु पांचों जिलों के संसाधनों व प्रचलन के आधार पर खेलों का चयन करने को कहा है।
इन जिलों में रायबरेली, हरदोई, सीतापुर, लखीमपुर खीरी व लखनऊ शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों के महाविद्यालयों को ग्रामीण व पारंपरिक खेलों से जोड़ने की रूपरेखा बनाई जाए।
इससे ग्रामीण अंचल के खिलाड़ियों की प्रतिभा व ऊर्जा की पहचान कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के खेलों के लिए प्रेरित किया जा सके।
पारंपरिक खेलों के विकास के लिए लविवि क्रीड़ा परिषद जल्द ही पारंपरिक खेलों का चिह्नीकरण व क्रियान्वयन का प्रस्ताव प्रस्तुत करेगी। इसके आधार पर आगे की कार्रवाई शुरू होगी।