लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय में छात्र संगठनों ने स्नातक के पाठ्यक्रमों में कोर्सवार कटऑफ सूची जारी करने की मांग की है। लविवि के प्रवेश विभाग ने बिना मेरिट सूची और कटऑफ जारी किए ही स्नातक कोर्स में दाखिला प्रक्रिया पूरी कर ली है। यह संशय पैदा करने वाली है। जबकि परास्नातक स्तर के पाठ्यक्रमों में कोर्सवार दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की सूची जारी की गई है।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने आरोप लगाया है कि लखनऊ विश्वविद्यालय में पहली बार बिना कटऑफ जारी किए छात्रों से काउंसिलिंग फॉर्म भरवा लिया गया, जो पारदर्शी प्रवेश प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करता है। ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन इसका लिखित कारण बताए और पूरी प्रक्रिया को सार्वजनिक करे।
लविवि इकाई के महामंत्री जतिन शुक्ला ने बताया कि यूजी कोर्स में प्रवेश की रैंक न जारी करने को लेकर विद्यार्थी परिषद ने 15 दिन पहले विवि को ज्ञापन दिया था। इस पर अभी तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। संगठन रविवार को इस पर बैठक कर आगे की रणनीति तैयार करेगा।
एनएसयूआई के राष्ट्रीय संयोजक विशाल सिंह के मुताबिक, बीते सालों में प्रवेश विभाग की ओर से स्नातक कोर्स में दाखिला लेने वाले सभी विद्यार्थियों की रैंकवार सूची जारी की जाती थी। लेकिन अब यह बंद हो गया है, जो एडमिशन की साफ-सुथरी व्यवस्था पर सवाल खड़ा करने वाला है। जब विवि, पीजी के कोर्स में मेरिट सूची जारी कर सकता है तो यूजी में क्या समस्या है। अगर जल्द पूरी प्रक्रिया के बारे में संतोषजनक निर्णय नहीं लिया गया तो छात्र आंदोलन करेंगे।
चॉइस फिलिंग पर हुए दाखिले
लविवि के प्रवेश समन्वयक डॉ. अनित्य गौरव के मुताबिक, स्नातक कोर्स में सभी विद्यार्थियों को प्रवेश चॉइस फिलिंग के आधार पर दिया गया है। प्रवेश प्रक्रिया पूरी तरह से पारदर्शी है, कुछ भी छिपाया नहीं गया है। यूजी कोर्स में बड़ी संख्या में कॉलेज और विद्यार्थी शामिल होते हैं, इसके साथ ही और भी व्यावहारिक चुनौतियां हैं जिसके नाते मेरिट सूची जारी नहीं की जाती है। पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है, इसमें कोई भी दोष नहीं है। अगर किसी को कुछ भी जानना है तो वह प्रवेश समन्वयक कार्यालय आ सकता है, हम उसे पूरी मेरिट सूची दिखा देंगे। पीजी कोर्स में कम आवेदक और कॉलेज होते हैं इसलिए उनकी मेरिट और कटऑफ आसानी से जारी हो जाती है।