अपनी स्थापना के सौवें साल में लखनऊ यूनिवर्सिटी ने आर्थिक सहायता के लिए 50 करोड़ रुपये का प्रस्ताव प्रदेश सरकार को भेजा है। लविवि ने 18 से 25 नवंबर के बीच होने वाले मुख्य कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया है। विवि की ओर से राष्ट्रपति, रक्षामंत्री, मानव संसाधन मंत्री तथा प्रदेश के राज्यपाल व मुख्यमंत्री सहित अन्य अतिथियों को आमंत्रण भेजा गया है।
लविवि 25 नवंबर को अपनी स्थापना के 100 साल पूरे कर लेगा। ऐसा करने वाला वह देश का 10वां विश्वविद्यालय होगा। एक मई 1864 को कैनिंग कॉलेज के रूप में लखनऊ विश्वविद्यालय की नींव पड़ी थी। 25 नवंबर 1920 को लखनऊ विश्वविद्यालय के अधिनियम पर हस्ताक्षर करके इसे विश्वविद्यालय का दर्जा मिला।
जुलाई 1921 में इसके पहले सत्र की शुरूआत हुई थी। सौ साल का होने के बावजूद लविवि की आर्थिक स्थिति बहुत अच्छी नहीं है। सरकारी अनुदान के रूप में इसे सालाना केवल 34 करोड़ रुपये ही मिलते हैं। इससे लविवि की हालात बेहद खराब है। लविवि को उम्मीद है कि शताब्दी वर्ष में इसे राज्य और केंद्र सरकार से आर्थिक अनुदान प्राप्त होगा।