चौतरफा विरोध के बाद लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो.एसपी सिंह ने प्रॉक्टर प्रो.विनोद सिंह के वैलैंटाइन-डे को लेकर जारी निर्देश पर सफाई दी है। कुलपति का कहना है कि प्रॉक्टर ने अति-उत्साह में पत्र में अनावश्यक रूप से वैलेंटाइन-डे को पाश्चात्य सभ्यता का प्रतीक बता दिया था।
14 फरवरी को महाशिवरात्रि का अवकाश है। इसलिए उस दिन विद्यार्थियों की सभी कक्षाएं स्थगित करके उन्हें परिसर न आने का निर्देश दिया गया है। इस पत्र में अनावश्यक रूप से वैलेंटाइन-डे का जिक्र है। इसलिए प्रॉक्टर ने गलती सुधारते हुए अनुशासन कायम रखने के लिए नया निर्देश भी जारी कर दिया है।
लविवि प्रॉक्टर प्रो. विनोद सिंह द्वारा जारी पत्र के बाद काफी बवाल मच गया था। उन्होंने पहले पत्र में कहा था कि पाश्चात्य संस्कृति से प्रभावित होकर समाज के कतिपय नवयुवक 14 फरवरी को वैलेंटाइन डे के रूप में मनाते हैं।
सभी छात्र-छात्राओं को सूचित किया जाता है कि 14 फरवरी को महाशिवरात्रि के अवसर पर अवकाश है। इसलिए वे इस दिन विवि परिसर में दिखाई न दें। यदि कोई परिसर में बैठा पाया गया तो उसके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
साथ ही अभिभावकों से भी अपील की गई थी है कि वे इस दिन अपने बच्चों को विवि परिसर में न आने दें। इस पत्र पर बवाल मचने के बाद कुलपति नेअपनी सफाई दी। उन्होंने माना कि अति-उत्साह में कुछ अनावश्यक शब्द पत्र में जोड़ दिये गए। इसलिए उन शब्दों को हटाकर नया आदेश जारी कर दिया गया है।