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लविवि : बीए, बीएससी, बीकॉम में अब केवल दो घंटे की परीक्षा, पांच की जगह होंगे चार प्रश्न

Thu, 05 Dec 2024 09:21 PM IST
ishwar ashish अमर उजाला नेटवर्क, लखनऊ

सार

लखनऊ विश्वविद्यालय में परीक्षा समिति की बैठक में सेमेस्टर परीक्षाओं को लेकर फैसला लिया गया। वहीं, स्नातक स्तर पर 75 अंकों के प्रश्नपत्र को दो भागों में विभाजित करने पर भी सहमति बनी।
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- फोटो : Lucknow University वेबसाइट से
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विस्तार
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लखनऊ विश्वविद्यालय से संबद्ध सभी जिलों लखनऊ, हरदोई, सीतापुर, रायबरेली और लखीमपुर खीरी के कॉलेजों में स्नातक विषम सेमेस्टर के विद्यार्थियों की परीक्षाएं तीन की जगह अब दो घंटे में ही कराई जाएंगी। इसमें बीए, बीएससी और बीकॉम के विद्यार्थी शामिल होंगे। कुलपति प्रो. आलोक कुमार राय की मौजूदगी में हुई परीक्षा समिति की बैठक में यह अहम निर्णय लिया गया।

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लविवि के मंथन सभागार में हुई परीक्षा समिति की बैठक में स्नातक स्तर पर 75 अंकों के प्रश्नपत्र को दो भागों में विभाजित करने पर भी सहमति बनी। पहले भाग में दो प्रश्न होंगे, इसमें से विद्यार्थी को कोई एक प्रश्न करना होगा। इसके लिए 15 अंक निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह से दूसरे भाग में कुल आठ प्रश्न होंगे, जिसमें से कोई भी तीन प्रश्न करने होंगे। प्रत्येक प्रश्न 20 अंकों का होगा।

इससे पहले विवि में विषम सेमेस्टर की परीक्षा के लिए तीन घंटे की अवधि तय थी। इसमें प्रश्नपत्र में 10 प्रश्न दिए जाते थे जिसमें से कोई पांच करने होते थे। विवि में 17 दिसंबर से विषम सेमेस्टर की परीक्षाएं प्रस्तावित हैं। वर्तमान में परीक्षा फॉर्म भरे जाने की प्रक्रिया चल रही है। जानकारी के मुताबिक, अब तक तीन लाख से अधिक विद्यार्थियों ने परीक्षा फॉर्म भरने की प्रक्रिया को पूरा कर लिया है। तीसरे और पांचवें सेमेस्टर के लिए परीक्षा फॉर्म भरने की अंतिम तिथि सात दिसंबर तय है। जबकि पहले सेमेस्टर के विद्यार्थियों के लिए यह 10 दिसंबर है।
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विधि, बीएड व पीजी में तीन घंटे की ही होगी परीक्षा
लविवि के प्रवक्ता दुर्गेश श्रीवास्तव ने बताया कि परीक्षा समिति की बैठक में बीए, बीएससी, बीकॉम में परीक्षा के लिए अब तीन घंटे की जगह केवल दो घंटे की अवधि सुनिश्चित की गई है। वहीं एलएलबी, बीएड और परास्नातक की परीक्षाएं तीन घंटे में ही कराने पर सहमति बनी।

ताकि बेपटरी न हो सत्र, इसलिए घटाया समय
परीक्षा अवधि घटाने की जो सबसे बड़ी वजह मानी जा रही है, वह समर्थ पोर्टल में अव्यवस्थाओं के चलते होने वाली देरी है। पहले शासन और राजभवन से सख्त निर्देश थे कि वर्तमान सत्र में परीक्षाएं इसी माध्यम से कराई जाएंगी। लेकिन दिसंबर के पहले सप्ताह तक 1.5 लाख विद्यार्थी पोर्टल पर अपना पंजीकरण ही नहीं कर पाए थे। ऐसे में सत्र पिछड़ता देख राजभवन सचिवालय ने वर्तमान सत्र में पुरानी व्यवस्था से परीक्षाएं कराने की छूट दी। इसके बावजूद काफी देर हो चुकी है। परीक्षाएं समय से शुरू तो हो जाएंगी, समाप्त होने में संशय है। इसी वजह से यह निर्णय लिया गया है।

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