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छात्र और कोर्स का ब्योरा न देने पर एलयू सख्त, कॉलेजों को 24 घंटे का अल्टीमेटम

Sun, 28 Jan 2018 10:02 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ
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लखनऊ विश्वविद्यालय - फोटो : amar ujala
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लखनऊ विश्वविद्यालय ने सहयुक्त कॉलेजों में नाममात्र की छात्र संख्या और गैर अनुमोदित शिक्षकों वाले पाठ्यक्रमों को लेकर सख्ती शुरू कर दी है।
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कुलपति ने इनका ब्यौरा न देने वाले 27 कॉलेजों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। सारी चीजें नियमानुसार सही करने को 15 मार्च तक का समय दिया गया है।

कॉलेजों को इसकेे लिए अंडरटेकिंग देनी होगी। कुलपति प्रो. एसपी सिंह ने बुधवार को डीपीए सभागार में सेल्फ फाइनेंस कोर्स वाले 54 कॉलेजों की बैठक बुलाई थी।

पांच कॉलेजों के प्रतिनिधि इसमें गैरहाजिर रहे। कुलपति ने इन पांच कॉलेजों को मान्यता समाप्ति का नोटिस जारी करने का निर्देश दिया है। इन्हें कई नोटिस के बावजूद जवाब न देने तथा बैठक से अनुपस्थित रहने का कारण बताने को कहा गया है।
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कुलपत‌ि बोले, हमारे पास सभी ‌व‌िकल्प खुले

डेमो - फोटो : डेमो
इससे संतुष्ट न होने पर इन कॉलेजों की मान्यता समाप्त कर दी जाएगी। विवि प्रशासन काफी समय से सहयुक्त डिग्री कॉलेजों को वेबसाइट पर पूरा ब्यौरा अपलोड करने का निर्देश जारी कर चुका है।

54 में से 27 कॉलेजों ने ही सूचनाएं अपलोड की हैं। बचे 27 कॉलेजों ने न सूचनाएं अपलोड कीं और न विवि को ब्यौरा दिया। विवि ने सत्र की शुरुआत पर कॉलेजों से शिक्षकों का ब्यौरा फोटोग्राफ और शैक्षिक योग्यता के साथ मांगा था।

इसे उन्हें अपनी वेबसाइट पर भी अपलोड करना था, लेकिन कॉलेज इसमें हीलाहवाली कर रहे हैं। कुलपति प्रो. सिंह ने कॉलेज संचालकों से कहा कि उनके पास सभी विकल्प खुले हैं।

कॉलेज मनमानी पर उतारू रहेंगे तो फिर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने तथा मान्यता समाप्ति के विकल्प तक जाना होगा। बैठक में कॉलेज संचालकों ने अपनी समस्याएं गिनाईं।
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कॉलेजों ने गिनाईं समस्याएं

डेमो - फोटो : demo pic
इनमें से ज्यादातर प्रिंसिपल की अर्हता की वजह से योग्य उम्मीदवार न मिलने से संबंधित थी। इसी तरह सत्र के बीच में अनुमोदित शिक्षक के नौकरी छोड़ने की समस्याएं भी गिनाईं।

उनका कहना था कि इस वजह से भी उनके यहां अनुमोदित शिक्षक नहीं होते हैं। इस पर कुलपति ने कहा जैसे ही शिक्षक नौकरी छोड़कर जाएं वे आवेदन कर देें। इस तरह से वे गैर-अनुमोदन के दोषी नहीं माने जाएंगे।

देनी हैं ये सूचनाएं
कॉलेज का नाम, संचालित पाठ्यक्रम, निर्धारित सीट, पिछले तीन साल में दाखिला लेने वाले विद्यार्थियों की सत्रवार संख्या, प्रथम सहयुक्तता का सत्र, सहयुक्तता स्थिति-स्थायी या अस्थायी सहयुक्तता, महाविद्यालय की वेबसाइट, ईमेल आईडी, प्राचार्य और शिक्षकों के नाम, प्राचार्य और शिक्षकों के अनुमोदन की स्थिति, प्राचार्य और शिक्षकों के मोबाइल नंबर, प्राचार्य और शिक्षकों की अनुमोदन पत्र संख्या, प्राचार्य और शिक्षकों के फोटोग्राफ, प्राचार्य और शिक्षकों का ब्यौरा कॉलेज की वेबसाइट पर है या नहीं, नैक मूल्यांकन की स्थिति।

‘कॉलेजों को मनमानी करने की छूट नहीं दी जा सकती। जिन कॉलेजों ने सूचनाएं नहीं दी हैं, उन्हें 24 घंटे का समय दिया गया है। जहां गड़बड़ियां हैं, उन्हें 15 मार्च तक का समय दिया गया है। जिन कॉलेजों ने नोटिस का जवाब ही नहीं दिया उन कॉलेजों से इसका कारण बताने को कहा गया है। समुचित कारण न बता पाने पर उनकी मान्यता समाप्त की जाएगी।’ - प्रो. एस.पी स‌िंह कुलपत‌ि, लव‌िव‌
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