लखनऊ विश्वविद्यालय के जिन एग्जाम्स के रिजल्ट घोषित हुए अभी एक साल भी नहीं हुआ, उनकी कॉपियों को रद्दी में बेचा जा रहा है। विवि प्रशासन ने पिछले साल कंडक्ट किए गए सभी एग्जाम्स की कॉपियों को बेचने का टेंडर कबाड़ी को दे दिया है।
जबकि एग्जाम की कॉपियों को कम से कम तीन वर्ष तक संभाल कर रखना होता है, ताकि यदि कोई छात्र सूचना के अधिकार के तहत कभी कॉपी देखना चाहे तो वह उपलब्ध हो। वहीं, विश्वविद्यालय इस संबंध में अपना तर्क दे रहा है।
एलयू इन दिनों बड़ी संख्या में एग्जाम की कॉपियों को बेचने में लगा हुआ है। ये उन एग्जाम्स की कॉपियां हैं, जो पिछले वर्ष तक कंडक्ट किए गए थे। ये सभी वार्षिक परीक्षाओं की कॉपियां हैं, जिनका एग्जाम के बाद रिजल्ट डिक्लेयर हो चुका है।
इन सभी कॉपियों को एकेडमिक ब्लॉक में स्टोर कर रखा गया है। पिछले दो दिनों से इन कॉपियों को ट्रकों में लाद कर उन्नाव भेजा जा रहा है। बताया जा रहा है कि विश्वविद्यालय प्रशासन ने इन्हें बेचने के लिए किसी कबाड़ कारोबारी को टेंडर दिया है।
इन कॉपियों को बेचने के पीछे विश्वविद्यालय अपना नियम बता रहा है। विश्वविद्यालय प्रशासन का तर्क है कि कॉपियों को रिजल्ट डिक्लेयर होने के बाद तीन महीने तक ही रखने का नियम है।
हर साल परीक्षाएं होती हैं। ऐसे में लाखों की संख्या में कॉपियों को रखने के लिए जगह नहीं रहती। ऐसी स्थिति में अगली परीक्षा शुरू होने से पहले इन्हें बेचना पड़ता है।
विवि जहां रिजल्ट डिक्लेयर होने से तीन महीने तक ही कॉपियों को स्टोर करने की बात कह रहा है, वहीं बाकी शिक्षक विवि प्रशासन के इस तर्क को दरकिनार कर रहे हैं।