लखनऊ। लखनऊ विश्वविद्यालय की बीए प्रवेश परीक्षा में पाठ्यक्रम के बाहर से प्रश्न पूछे जाने पर अभ्यर्थियों ने रविवार को कुलपति जेपी सैनी से शिकायत की। प्रवेश प्रक्रिया में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए जांच की मांग की। कुलपति ने इसे गंभीरता से लिया। उन्होंने बीए प्रवेश परीक्षा में गणित विषय से पूछे गए सभी दस प्रश्नों के पूरे अंक सभी अभ्यर्थियों को समान रूप से देने की घोषणा की।
पिछले दिनों बीए स्नातक प्रवेश परीक्षा में गणित से संबंधित 10 सवाल पूछे गए थे। अभ्यर्थियों का आरोप था कि विवि के आधिकारिक सिलेबस (पाठ्यक्रम) में गणित विषय का उल्लेख नहीं था। गैर-गणित पृष्ठभूमि के छात्रों को लगा कि इन अप्रत्याशित प्रश्नों से उनकी मेरिट प्रभावित होगी। प्रवेश समन्वयक को ईमेल से शिकायत भेजी थी, लेकिन संतोषजनक जवाब नहीं मिला। इसके बाद 25 से अधिक छात्र-छात्राओं ने कुलपति से मुलाकात की। कुलपति ने कहा कि प्रवेश परीक्षा में पाठ्यक्रम से बाहर के प्रश्न आना एक तकनीकी त्रुटि थी। आश्वासन दिया कि छात्रों को गलती का खामियाजा नहीं भुगतना पड़ेगा। उन्होंने तत्काल प्रवेश समन्वयक को निर्देश दिए कि गणित के सभी प्रश्नों के अंक सभी अभ्यर्थियों को बोनस के रूप में दिए जाएं।
बीए एलएलबी में स्थिति स्पष्ट करने की मांग
अभ्यर्थियों ने बीए एलएलबी (पांच वर्षीय) पाठ्यक्रम में भी अनियमितताओं का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि क्लैट के माध्यम से मात्र 450 विद्यार्थियों ने आवेदन किया था, जबकि विवि ने लगभग 5600 विद्यार्थियों को परीक्षा में शामिल कर लिया। छात्रों का कहना है कि इस पाठ्यक्रम में कुल सीटें मात्र 330 ही उपलब्ध हैं, जिससे असमंजस की स्थिति है। कुलपति से शिकायत करने वालों में अमन सिंह, एंजल कश्यप, अंशिका यादव, आर्यन गुप्ता, अवि सिंह, दिव्यांश पांडेय, दीपिका गुप्ता, दिव्या पांडेय, हर्षिता गुप्ता, मो. नोमान, ताविशी श्रीवास्तव, सिद्धी रस्तोगी और साहिल यादव समेत 25 से अधिक छात्र शामिल थे।