डॉ. रमीज धर्मांतरण के मामले में रुपयों की लालच के चलते भी शामिल हो सकता है। केजीएमयू में चर्चा है कि फरवरी में हिंदू डॉक्टर से शादी करने के बाद उसे 15 लाख रुपये मिले थे। बताया जा रहा है कि किसी मेडिकोज का धर्मांतरण कराने पर 15 लाख और नॉन मेडिकोज के धर्मांतरण का रेट पांच लाख रुपये है। धर्मांतरण नेटवर्क के माध्यम से यह राशि दी जाती है। वह अन्य रेजिडेंट के धर्मांतरण की साजिश भी रच रहा था।
केजीएयमू में रेजिडेंट डॉक्टर पर शादी से पहले धर्म बदलने का दबाव बनाने के आरोपी डॉ. रमीज मलिक के खिलाफ एफआईआर दर्ज हो चुकी है। उसकी पहली पत्नी के बयान के आधार पर उसके माता-पिता को भी धर्मांतरण करवाने के आरोप में गिरफ्तार किया जा चुका है। आरोपी रेजिडेंट डॉ.रमीज मलिक की पोल तब खुली जब केजीएमयू की ही रेजिडेंट डॉक्टर ने उस पर शादी करने से पहले उस पर धर्म बदलने का दबाव बनाने का आरोप लगाया। पुलिस ने जब आरोपी डॉक्टर की कॉल डिटेल निकाली तो पता चला कि वह अन्य धर्म की 15 अन्य रेजिडेंट डॉक्टर के संपर्क में था। इसके पीछे असल कहानी धर्मांतरण के बदले मोटी रकम मिलने की भी है।
केजीएमयू में चर्चा है कि दिल्ली निवासी डॉक्टर का धर्मांतरण करवाने के एवज में उसे 15 लाख रुपये मिले थे। नॉन मेडिकोज का धर्मांतरण करवाने पर महज पांच लाख रुपये ही मिलते हैं। इसी वजह से रमीज एक साथ काफी रेजिडेंट डॉक्टरों के संपर्क में था। कॉल डिटेल में सामान्य कामकाज वाले समय के बाद भी इन रेजिडेंट से लंबी बातचीत मिली है।