सआदतगंज के नौबस्ता स्थित ब्राह्मणी टोला में सोमवार को पार्किंग के विवाद में एक ही परिवार के तीन लोगों की गोली मारकर हत्या के मामले ने मंगलवार को तूल पकड़ लिया। पोस्टमार्टम के बाद शिवाजी तिवारी, उनके भाई शंभू तिवारी और बेटे सुयश तिवारी के शव घर पहुंचे तो कोहराम मच गया। थोड़ी देर तक अंतिम दर्शन कराने के बाद नाराज लोगों ने शव उसी चबूतरे के पास ले जाकर रख दिए जिसे लेकर झगड़ा हुआ था। परिजनों ने अंतिम संस्कार करने से मना कर दिया। इसके बाद नारेबाजी शुरू हो गई। हंगामा बढ़ता देख 10 थानों की पुलिस फोर्स को बुलाया गया। शव रखकर सुबह करीब 10:30 बजे शुरू हुआ प्रदर्शन शाम 04:30 बजे तक चला।
उधर, देखते ही देखते शिवाजी के रिश्तेदारों और करीबियों की भीड़ जमा हो गई। आक्रोशित लोगों ने हत्यारोपी ऋषभ शुक्ला के मकान पर बुलडोजर चलाने की मांग शुरू कर दी। काफी देर तक कोई कार्रवाई न होने पर भीड़ ऋषभ के घर में घुसने लगी। घर के बाहर खड़े दोपहिया वाहन में तोड़फोड़ शुरू कर दी। मकान में तोड़फोड़ की भी कोशिश की। पुलिस फोर्स ने कड़ी मशक्कत के बाद लोगों को मकान में घुसने से रोका। आरोपी के घर के बाहर सुरक्षाकर्मी तैनात कर देने से आक्रोश बढ़ गया। लोगों ने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी का पक्ष ले रही है। इसके बाद ऋषभ के एनकाउंटर की मांग होने लगी।
रात में गिराया घर का एक हिस्सा
इस पूरे मामले में रात में करीब साढ़े दस बजे आरोपियों के घर को गिराने के लिए बुलडोजर पहुंचा। हालांकि इसका एक हिस्सा गिराया गया।
डीएम, पुलिस कमिश्नर को बुलाओ फिर होगी बात
आक्रोशित लोगों का कहना था कि डीएम, पुलिस कमिश्नर को बुलाओ फिर बात होगी। शहर में दिनदहाड़े तीन लोगों की हत्या हो जाती है और अधिकारी पीड़ित परिवार से मिलने भी नहीं आते हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए दोपहर करीब एक बजे डीएम विशाख जी. और पुलिस आयुक्त तरुन गाबा मौके पर पहुंचे। दोनों सीधे शिवाजी के घर में चले गए। काफी देर तक अधिकारियों और पीड़ित परिवार में बातचीत होती रही पर कोई नतीजा नहीं निकला।
आरएसएस के पदाधिकारियों ने भी जताई नाराजगी
शिवाजी तिवारी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े थे। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में आरएसएस के पदाधिकारी भी पहुंचे थे। पीड़ित परिवार की हालत देखकर संघ के वरिष्ठ पदाधिकारी नाराज हो गए और डीजीपी व प्रमुख सचिव गृह को बुलाने की बात कही। उनकी फोन पर उच्चाधिकारियों से बहस भी हुई। संघ ने पीड़ित परिवार की मांगें मानने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कहा। इस दौरान पुलिस अधिकारियों को लोगों के गुस्से का भी सामना करना पड़ा।
ब्रजेश पाठक, नीरज सिंह ने शवों को दिया कंधा
हंगामे के बीच दोपहर 2:45 बजे महापौर सुषमा खर्कवाल मौके पर पहुंचीं। करीब 3:15 बजे डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और भाजपा नेता नीरज सिंह परिवार से मिलने पहुंचे। डिप्टी सीएम ने आरोपियों के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ फास्ट ट्रैक कोर्ट में सुनवाई होगी। डिप्टी सीएम के आश्वासन पर परिजन अंतिम संस्कार के लिए माने। ब्रजेश पाठक और नीरज सिंह ने शवों को कंधा दिया और गुलाला घाट पर अंतिम संस्कार में भी शामिल हुए।