उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (रोडवेज) के राजधानी स्थित चारबाग डिपो के तीन कर्मियों की करतूत से साख को झटका लगा है। चारबाग डिपो से बिहार के मुजफ्फरपुर के बीच चलने वाली साधारण सेवा की एक बस को शराब की तस्करी में पकड़ा गया है। इस के तीन कर्मियों को बिहार के उत्पाद विभाग ने हिरासत ले लिया है। उत्पाद विभाग के अफसरों ने बस से 191 लीटर तस्करी की शराब को बरामद किया, जिसकी खबर मुख्यालय के अफसरों तक को नहीं है।
चारबाग डिपो के कर्मियों ने बताया कि चार जनवरी को उत्पाद विभाग अफसरों ने मुजफ्फरपुर स्थित बस अड्डे पर छापामारी करके दो चालक सर्वेश कुमार व प्रदीप शर्मा निवासी रायबरेली और परिचालक राजेश मिश्रा सुल्तानपुर निवासी और तीन तस्कर सचिन कुमार, मुरली कुमार व रोशन पटेल को पकड़ करके उनके कब्जे से 191 लीटर शराब को जब्त किया गया। शराब तस्करों को तो गिरफ्तार कर लिया गया है। मगर, यूपी रोडवेज चालक एवं परिचालकों की अभी गिरफ्तारी की पुष्टि नहीं हो सकी है। इस सिलसिले में चारबाग डिपो सहायक क्षेत्रीय प्रबंधक अमरनाथ सहाय ने बताया कि मुजफ्फरपुर के क्षेत्रीय प्रबंधक से बातचीत में घटना की आधिकारिक पुष्टि हुई। साधारण बस को मुजफ्फरपुर की कार्यशाला में खड़ा करा दिया गया है।
बिचौलिए अफसर की खोजबीन
यूपी से बिहार में शराब तस्करी में रोडवेज का कोई अफसर बिचौलिए की भूमिका निभा रहा था। उत्पाद विभाग के अफसरों ने तस्करों एवं चालक-परिचालकों के जो बयान दर्ज किए उसमें एक अफसर के जरिये यूपी से बिहार को बस के जरिये शराब की तस्करी कराई जा रही थी। गोपनीय सूचना पर छापामारी हुई थी। ये बस लखनऊ से चलकर गोरखपुर, गोपालगंज एवं पिपराकोठी के रास्ते मुजफ्फरपुर के बीच आवागमन करती थी।