गिरफ्तार फर्जी एनएसजी कमांडो रंजन कुमार के खुद को आईएएस बताने वाले गुरु विकास राय की हाईकोर्ट ने अंतरिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। अब पुलिस विकास के खिलाफ कोर्ट में एनबीडब्ल्यू के लिए आवेदन करेगी।
इंस्पेक्टर आलमबाग सुभाष सरोज के मुताबिक कुछ समय पहले ही विकास ने गिरफ्तारी से बचने के लिए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी। कोर्ट ने 24 अगस्त को आरोपी की याचिका खारिज कर दी थी। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की पांच टीमें गठित हैं। टीमें और सर्विलांस सेल उसकी लोकेशन ट्रेस कर करने में जुटी हैं।
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मुंबई तो कभी गुरुग्राम में मिल रही लोकेशन
विकास इतना शातिर है कि वह बचने के लिए अलग-अलग सिम कार्डों का इस्तेमाल कर रहा है। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा है। विकास की लोकेशन मुंबई, गुरुग्राम, नोएडा और मध्य प्रदेश में मिल रही है। हालांकि, टीमें लगातार विकास के संभावित ठिकानों और शहीद पथ स्थित ओमेक्स अपार्टमेंट में उसके फ्लैट पर दबिश दे रही है।
वेष बदलकर घूमने की आशंका
पुलिस सूत्रों के मुताबिक आरोपी विकास अपना वेष बदले हुए हैं। इंस्पेक्टर ने बताया कि पुलिस जल्द ही कोर्ट में आरोपी के खिलाफ एनबीडब्ल्यू के लिए आवेदन करेगी।
यह है पूरा मामला
पांच जुलाई को आलमबाग पुलिस ने बस अड्डे से कुशीनगर के सुजान में रहने वाले फर्जी एनसजी कमांडो रंजन कुमार को गिरफ्तार किया था। इसके पास से मुंगेर की बनी मेड इन इटली लिखी पिस्टल, कारतूस, वायरलेस सेट, यूपी पुलिस की जाली आईडी, वर्दी पहने फोटो, डीजीपी का जाली प्रशंसा चिन्ह, जाली प्रशस्ति पत्र, मेडल, सुरक्षा विभाग का जाली आदेश, इंटेलिजेंस विभाग के दो जाली आदेश, मोबाइल व अन्य सामान बरामद हुआ था। पूछताछ में आरोपी ने बताया था कि वह विकास राय की सुरक्षा में तैनात था। पुलिस जांच में सामने आया था कि विकास आईएएस नहीं है। ऐसे में रंजन और विकास पर केस दर्ज किया गया था।