कसमंडी कलां का विवादित ढांचा।
लखनऊ के मलिहाबाद स्थित कसमंडी कलां में महाराजा कंस पासी के प्राचीन किले और मस्जिद-कब्रिस्तान को लेकर विवाद चल रहा है। पासी समाज का दावा है कि यह स्थल उनके पूर्वजों का ऐतिहासिक किला और शिव मंदिर था, जबकि दूसरे पक्ष का कहना है कि यह सरकारी रिकॉर्ड में मस्जिद और मकबरा है। तनाव को देखते हुए प्रशासन ने भारी पुलिस बल तैनात किया है।
कसमंडी कलां में विवादित ढांचा में बैरीकेट।
21 मई को सूरज पासी ने यह मुद्दा उठाया था कि कसमंडी में बना मकबरा और मस्जिद सन 980 से 1031 के दौरान राजपासी राजा कंस शिव मंदिर और किला था, जिसमें आज भी उसमें कई प्रकार की हिंदुओं की परम्परागत आकृतियां दीवारों पर बनी हैं।
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जिस स्थान को लेकर विवाद है, उसकी स्थिति पर अभी तक कोई अंतिम प्रशासनिक फैसला नहीं हुआ है। जब तक सक्षम स्तर से स्पष्ट आदेश जारी नहीं होते, तब तक वहां किसी भी तरह की धार्मिक गतिविधि या प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। इसी वजह से सुरक्षा व्यवस्था को सख्त रखा गया है।