जूट की रस्सी के सहारे सिटी बसों के दरवाजों को बांधकर रोका जा रहा है। छतें उखड़ रही हैं। शीशे टूटे हैं। ऐसी ही एक बस का वीडियो रविवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसके बाद सिटी बसें से यात्रियों की जान जोखिम में डालने को लेकर सवाल उठने लगे हैं।
मामला चारबाग जा रही सिटी बस संख्या यूपी 32 सीजेड 8198 का है। हजरतगंज चौराहे पर पहुंचने के बाद बस को ट्रैफिक सिग्नल रेड होने के चलते रोकना पड़ा। जहां एक वाहन चालक ने सिटी बस की दुर्दशा का वीडियो बनाकर रोडवेज प्रशासन को सोशल मीडिया पर भेजा है। वीडियो में सिटी बस का दरवाजा जूट की रस्सी से बंधा हुआ है। इसके सहारे दरवाजे को रोका गया है। वहीं बस की छत उखड़ी हुई थी और शीशे ठीक से बंद नहीं हो रहे थे। कुछ शीशे टूटे भी थे।
कमोबेश अन्य सिटी बसों की हालत भी ऐसी ही है। प्रतिदिन यात्रियों को जान जोखिम में डालकर ऐसी बसों में यात्रा करना पड़ता है। सिटी बस प्रबंधन से जुड़े सूत्र बताते हैं कि सिटी बसों की फिटनेस ही नहीं है। शहर में 125 सीएनजी व 140 इलेक्ट्रिक बसों का संचालन किया जा रहा है। इसमें सीएनजी बसें जर्जर हालत में हैं। सिटी बसों से 18 से 20 हजार यात्री प्रतिदिन सफर करते हैं।