चेन-पर्स लूट, वाहन चोरी और छेड़छाड़ जैसे अपराधों की शिकायत पर पुलिस टरकाए तो पीड़ित पुलिस ऑफिस स्थित एफआईआर सेल में रिपोर्ट दर्ज करा सकता है। लखनऊ के नए एसएसपी दीपक कुमार ने शुक्रवार को चार्ज संभालते ही एफआईआर सेल के गठन का ऐलान किया।
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उन्होंने कहा कि सेल में निल पर एफआईआर दर्ज करके संबंधित थाना ट्रांसफर कर दी जाएगी। एसएसपी ने बताया कि एफआईआर सेल ऐसे छोटे-छोटे मामलों के लिए बनाई गई है, जिनमें थानों की पुलिस रिपोर्ट दर्ज करने के बजाए पीड़ित को टरकाती रहती है।
थाना-चौकी के चक्कर काटकर परेशान पीड़ित अंतत: चुप होकर बैठ जाता है। इससे आम जनता में पुलिस की छवि खराब होती है। एसएसपी ने कहा कि राजधानी में कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन सबसे बड़ी चुनौती है।
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जल्द ही इसके लिए रणनीति बनाई जाएगी। अपराध नियंत्रण के लिए क्राइम मैपिंग की जाएगी। अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था और यातायात प्रबंधन में उन्होंने जनता का सहयोग लेने की बात कही।
मूलरूप से बिहार के बेगूसराय निवासी 2005 बैच के आईपीएस अधिकारी दीपक कुमार को बुधवार रात राजधानी के एसएसपी के तौर पर तैनात किया गया था। इससे पहले वह गाजियाबाद में एसएसपी थे।
एंटी रोमियो ड्राइव की आड़ में अराजकता नहीं
एसएसपी दीपक कुमार
- फोटो : amar ujala
एसएसपी ने कहा कि एंटी रोमियो ड्राइव के नाम पर पुलिसकर्मियों को अराजकता नहीं करने दी जाएगी। छेड़छाड़ करते हुए पकड़े गए लड़कों को एक मौका दिया जाएगा। माता-पिता को बुलाकर उनकी हरकतों की जानकारी दी जाएगी। साथ ही ऐसे लड़कों की काउंसलिंग भी कराई जाएगी।
एसएसपी ने कहा कि अनसुलझी और सनसनीखेज वारदातों के खुलासे का जिम्मा एसओजी को सौंपा जाएगा। ऐसी वारदातों की सूची बनाकर अब तक हुई विवेचना की प्रगति की जानकारी लेने के बाद नए सिरे से वर्कआउट प्लान तैयार किया जाएगा।
पांच प्राथमिकताएं... ताकि खाकी पर भरोसा बढ़े
कम्युनिटी पुलिसिंग
प्रत्येक गांव, वार्ड, मोहल्ले में 10-15 लोगों को चिह्नित कर कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण में सहयोग लिया जाएगा। इसमें प्रधान-पार्षद, पूर्व प्रधान-पूर्व पार्षद, हारे हुए प्रत्याशी, रिटायर्ड शिक्षक, चौकीदार व सामाजिक कार्यकर्ता शामिल होंगे। सभी चुने हुए लोगों के साथ हर सप्ताह थानेदार और 15 दिन में सीओ बैठक करेंगे।
छवि में सुधार
जनता के बीच पुलिस की छवि सुधारने के प्रयास किए जाएंगे। सड़क पर ड्यूटी, वाहन चेकिंग, गश्त-पिकेट, कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण व अन्य सार्वजनिक अवसरों पर पुलिसकर्मियों को जनता से अच्छा व्यवहार करना होगा। अपराध के शिकार और मुसीबत में फंसे लोगों की मदद करनी होगी।
यातायात प्रबंधन
जाम लगने वाले मार्गों और चौराहों को चिह्नित किया जाएगा। ऐसे मार्गों पर ट्रैफिक के दबाव और जाम लगने के कारणों का अध्ययन कर व्यवस्थाएं की जाएंगी। नो पार्किंग जोन, अतिक्रमण, बैरीकेडिंग, डायवर्जन, नो एंट्री, वन-वे को जनता के सहयोग से सख्ती से लागू कराया जाएगा।
छेड़छाड़ और चेन लूट पर नियंत्रण
छेड़छाड़, चेन व पर्स लूट और वाहन चोरी छोटे अपराध की श्रेणी में आते हैं लेकिन इससे पुलिस की मौजूदगी और सक्रियता पर सवाल उठते हैं। ऐसी घटनाओं की रोकथाम के लिए गश्त-पिकेट को सक्रिय और जवाबदेह बनाया जाएगा।
पुलिसकर्मियों को अवकाश
पुलिस की ड्यूटी बहुत सख्त है। त्यौहार हो या खराब मौसम, उन्हें हर हाल में सड़क पर मौजूद रहना होता है। परिवार के लिए समय है न रिश्तेदारों-दोस्तों से मिलने का वक्त।
यही वजह है पुलिसकर्मी तनाव, अवसाद और बीमारियों के शिकार हो जाते हैं। उन्हें शारीरिक और मानसिक आराम देने के लिए अवकाश की व्यवस्था की जाएगी। कोशिश रहेगी कि जिसने नाइट ड्यूटी की है, उसे अगले दिन की छुट्टी दी जाए।