भाजपा के नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति को लेकर रविवार को सोशल मीडिया पर अटकलों का दौर तेजी से चलता रहा। पूर्व ऊर्जा मंत्री श्रीकांत शर्मा को इस पद पर नियुक्त करने की खबरें वायरल होती रहीं। रायबरेली से भाजपा विधायक अदिति सिंह ने भी सोशल मीडिया पर श्रीकांत को बधाई देकर अटकलों को और हवा दे दी। वहीं, कुछ नेताओं ने श्रीकांत से फोन किया तो उन्होंने ऐसी कोई जानकारी होने से इनकार कर दिया।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष स्वतंत्रदेव सिंह को प्रदेश सरकार में जलशक्ति मंत्री बनाया गया है। पार्टी में एक व्यक्ति एक पद का सिद्धांत लागू होने के कारण स्वतंत्रदेव की जगह नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति होनी है। हालांकि स्वतंत्रदेव का कार्यकाल 19 जुलाई तक है, लेकिन ऐसा माना जा रहा है कि संगठनात्मक कार्यों को सुचारु रखने के लिए नए प्रदेश अध्यक्ष की नियुक्ति जल्द हो सकती है।
उल्लेखनीय है कि 2004 से 2019 तक के लोकसभा चुनाव के दौरान भाजपा का प्रदेश अध्यक्ष ब्राह्मण रहा है। 2004 में केसरीनाथ त्रिपाठी, 2009 में रमापतिराम त्रिपाठी, 2014 में लक्ष्मीकांत बाजपेयी और 2019 में महेंद्रनाथ पांडेय प्रदेश अध्यक्ष थे। इसलिए अटकलें लगाई जा रही हैं कि 2024 लोकसभा चुनाव से पहले भी यह पद किसी ब्राह्मण नेता को दिया जा सकता है। ब्राह्मण नेताओं में श्रीकांत शर्मा, नोएडा के सांसद महेश शर्मा, अलीगढ़ के सांसद सतीश गौतम, बस्ती के सांसद व राष्ट्रीय मंत्री हरीश द्विवेदी, कन्नौज के सांसद सुब्रत पाठक, प्रदेश महामंत्री अश्विनी त्यागी, प्रदेश उपाध्यक्ष विजय बहादुर पाठक व बृज बहादुर उपाध्याय और पूर्व उप मुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा के नाम प्रमुख हैं।