एचसीएल अगले साल अक्तूबर से लखनऊ आईटी सिटी की शुरुआत कर देगी। पहले चरण में इस परियोजना से लगभग एक हजार लोगों को रोजगार मिलेगा। राजधानी में आईटी सिटी परियोजना पर काम कर रहे एचसीएल के संस्थापक और शिव नाडर फाउंडेशन के अध्यक्ष शिव नाडर ने शनिवार को यहां मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से मुलाकात के दौरान यह जानकारी दी।
उन्होंने कहा, परियोजना के क्रियान्वयन में गुणवत्ता पर पूरा ध्यान दिया जा रहा है। अपने सरकारी आवास 5 कालिदास मार्ग पर शिव नाडर से भेंट के दौरान मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के विकास के लिए लखनऊ में आईटी सिटी की परियोजना अत्यंत महत्वपूर्ण है।
इसके जरिये जहां एक ओर राज्य के नौजवानों को बड़ी संख्या में नौकरी मिलने के साथ रोजगारपरक प्रशिक्षण की सुविधा मिलेगी, वहीं बड़े पैमाने पर निवेश भी होगा। इसलिए राज्य सरकार आईटी सिटी परियोजना को जल्द से जल्द पूरा कराना चाहती है।
शिव नाडर ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि राज्य सरकार की प्राथमिकता को ध्यान में रखते हुए स्पेशल प्री-फैब तकनीक का उपयोग करके एचसीएल अक्तूबर 2016 तक आईटी सिटी की शुरुआत कर देगी।
आईटी सिटी में इन मानकों पर होगा काम
अपनी कॉरपोरेट सामाजिक जिम्मेदारी के तहत कंपनी द्वारा शिव नाडर फाउंडेशन के माध्यम से हरदोई जिले के चयनित गांवों में संचालित ‘प्रोजेक्ट समुदाय’ की जानकारी मुख्यमंत्री को देते हुए नाडर ने बताया कि इन गांवों के समग्र विकास के लिए कार्य किया जा रहा है।
इसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, आजीविका, स्वच्छ पेयजल और बुनियादी ढांचे पर खास जोर है। इन पांच मुख्य मानकों के लिए कार्य सूची तैयार की गई है। इसमें प्रत्येक स्तर की शिक्षा को बढ़ावा, मातृ मृत्यु दर व शिशु मृत्यु दर में कमी, प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं तक ग्रामीणों की पहुंच, सभी परिवारों को बिजली और शौचालय उपलब्ध कराना, स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था तथा ग्रामीणों की आय में बढ़ोतरी के लिए रोजगारपरक प्रशिक्षण शामिल है।
हर गांव की जरूरत को ध्यान में रखकर विकास संबंधी विभिन्न गतिविधियां चलाई जा रही हैं। इस मौके पर सांसद डिम्पल यादव, प्रमुख सचिव ग्राम्य विकास दीपक त्रिवेदी, विशेष सचिव मुख्यमंत्री जीएस नवीन कुमार और एचसीएल एवं शिव नाडर फाउंडेशन के वरिष्ठ प्रतिनिधि मौजूद थे।