आलमबाग में गढ़ी कनौरा के विजय खेड़ा में सास-ससुर की हत्या के आरोपी दामाद जगदीप को पुलिस ने बृहस्पतिवार को जेल भेज दिया। पड़ताल में सामने आया कि जगदीप तीन साल पहले तलवार लेकर अपने साले रोहन को भी मारने पहुंचा था। हालांकि, परिजनों ने किसी तरह मामले को शांत करा लिया था। इसके बाद दोनों पक्षों में समझौता हो गया था।
माता-पिता की हत्या की खबर सुनकर मिर्जापुर से पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे रोहन ने बताया कि जगदीप पड़ोस में एक परिचित के आता-जाता था। इसी दौरान उससे संपर्क हुआ था। पिता अनंत राम और मां आशा उसे बहुत मानते थे। जगदीप ने दोनों का भरोसा जीत लिया था। इसके बाद बहन पूनम से जगदीप की शादी कर दी गई थी। रोहन के मुताबिक उनके माता-पिता ने आरोपी को दामाद नहीं बेटा समझा। उसकी हर मांग पूरी की, लेकिन उसने उन्हें मौत के घाट उतार दिया। जगदीप निशातगंज में रहता था। शादी के बाद से पूनम से उसका झगड़ा होता था। हालांकि, परिवार बचाने के लिए पूनम सब सहती रहीं।
बुधवार को महिला आयोग में थी सुनवाई
महिला आयोग में पूनम ने आरोपी के खिलाफ शिकायत की थी। बुधवार को इस मामले में सुनवाई थी। जगदीप को डर था कि अगर उसके खिलाफ केस दर्ज हो गया तो उसे जेल जाना पड़ सकता है। इससे वह काफी नाराज था। पूनम से आरोपी अक्सर मारपीट करता था, जिसके कारण वह मायके में रह रही थीं। आरोपी बुधवार को पूनम की हत्या के इरादे से गया था, लेकिन बीच-बचाव करने पहुंचे सास-ससुर को मार डाला।
पूनम ने खरीदा था फ्लैट, हड़पना चाहता था आरोपी
माता-पिता की हत्या से बदहवास पूनम, आरोपी जगदीप सिंह उर्फ टिंकू, अनंत राम और आशा देवी।
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मोहनलालगंज प्राथमिक विद्यालय में शिक्षिका पूनम ने वृंदावन कॉलोनी में एक फ्लैट खरीदा था। परिजनों का कहना है कि आरोपी उस फ्लैट को हड़पना चाहता था। इसको लेकर भी परिवार में कई बार विवाद हुआ था। जगदीप कोई काम नहीं करता था। वह पूनम से अक्सर खर्च के लिए रुपये लेता था। सास-ससुर भी उसे आर्थिक मदद करते थे।
दोनों पर किए 15 से 18 वार
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में अनंत राम के शरीर पर चाकू से वार के 18 निशान मिले हैं। वहीं, आशा के शरीर पर करीब 15 निशान पाए गए हैं। डॉक्टरों के पैनल से दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। इस दौरान फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई गई। पिता की हत्या की खबर पाकर दूसरा बेटा सूरज भी बहन के साथ जम्मू से घर पहुंचा। शाम को दोनों शव पोस्टमार्टम के बाद घर लाए गए। हालांकि, अंतिम संस्कार शुक्रवार को किया जाएगा। सूरज जम्मू में डिविजनल लेखपाल की नौकरी करते हैं। वह शादी के बाद से वहीं रहते हैं।