डॉ. राम मनोहर लोहिया इंस्टीट्यूट
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डॉ. राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में संविदा के आधार पर काम कर रहे 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारियों की सेवा समाप्त की जा रही है। इसके तहत संस्थान प्रशासन ने बुधवार को मानव संसाधन मुहैया कराने वाली एजेंसी को इसका नोटिस थमा दिया है। इससे नाराज कर्मचारियों ने बुधवार को प्रशासनिक भवन में धरना प्रदर्शन किया। इससे संस्थान में अफरा-तफरी का माहौल रहा।
लोहिया संस्थान में नेशनल हेल्थ मिशन के तहत करीब 200 आउटसोर्सिंग कर्मचारी दो साल से काम कर रहे हैं। ये कर्मचारी कोविड को ध्यान में रखकर रखे गए थे। बीते दिनों स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कोविड के तहत रखी गई भर्तियां रद्द कर दी गई हैं। अब लोहिया संस्थान प्रशासन भी इनको हटाने जा रहा है। एजेंसी को दिए गए नोटिस में कहा गया है कि होली के मद्देनजर कर्मचारियों को मार्च में नहीं हटाया गया था। अब एक अप्रैल से इनकी सेवाएं खत्म कर दी गई हैं। वहीं, कर्मचारियों का कहना है कि कोविड के दौरान कड़ी मेहनत कर मरीजों की जान बचाई। संस्थान में बड़ी संख्या में पद खाली हैं। इनके सापेक्ष हमें समायोजित किया जा सकता है।
प्रभावित होगा इलाज
आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हटने के बाद मरीजों को समस्या होना तय है। इनमें से ज्यादातर कर्मचारी वार्ड में तैनात हैं। ये कर्मचारी ओटी, डायलिसिस, वेंटिलेटर टेक्नीशियन, स्टाफ नर्स, वार्ड ब्वॉय और वार्ड आया समेत अन्य पदों पर तैनात हैं। इनके हटने के बाद वहां का काम प्रभावित होगा। संस्थान में पहले से ही कर्मचारियों की कमी है। ऐसे में इनके जाने से इलाज प्रभावित होना तय है।