पुष्पक एक्सप्रेस से टोंटी चुराने के आरोप में गोमतीनगर स्टेशन से पकड़े गए संविदा सफाईकर्मी प्रभात कुमार कनौजिया (50) की गिरफ्तारी के साढ़े 11 घंटे बाद शनिवार तड़के मौत हो गई। उसे आरपीएफ ने शुक्रवार शाम गिरफ्तार किया था। प्रभात ट्रेनों में सफाई का काम करता था। परिजनों ने मामले की जांच की मांग की है।
कैंट के सदर लालकुर्ती निवासी प्रभात को शुक्रवार शाम चार बजे आरपीएफ स्टाफ ने पुष्पक एक्सप्रेस से टोंटी चुराने के आरोप में गिरफ्तार किया था। इसके बाद उसे गोमतीनगर स्टेशन स्थित हवालात में रखा गया। देर रात अचानक तबीयत बिगड़ने पर उसे आननफानन राम मनोहर लोहिया संस्थान ले जाया गया। शनिवार तड़के करीब साढ़े तीन बजे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई। आरपीएफ कर्मचारियों का कहना है कि प्रभात नशेड़ी था, जिस वजह से उसकी तबीयत बिगड़ गई। हालांकि, परिजन आरपीएफ को संदेह के घेरे में खड़ा कर रहे हैं।
दूसरे समुदाय से शादी पर परिजनों ने बना ली थी दूरी
प्रभात ने दूसरे समुदाय की महिला से शादी कर ली थी। इस कारण परिजनों ने उससे दूरी बना ली थी। प्रभात की मौत की खबर मिलने पर प्रयागराज से उसकी बहन संगीता और बहनोई दीपक लखनऊ पहुंचे। दोनों ने मामले में जांच की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारी की निगरानी में होगा पोस्टमार्टम
प्रभात का शव शनिवार सुबह पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया, पर पोस्टमार्टम नहीं किया गया। दोपहर दो बजे शव वापस लोहिया संस्थान भेज दिया गया, जहां इसे शवगृह में रख दिया गया है। संस्थान के प्रवक्ता डॉ. भुवन तिवारी ने बताया कि पोस्टमार्टम प्रशासनिक अधिकारी की निगरानी में कराया जाएगा। इसकी रिपोर्ट से मौत की सही वजह पता चल सकेगी।
पूर्वोत्तर रेलवे के आरपीएफ कमांडेंट अरुण त्रिपाठी ने कहा कि लॉकअप में प्रभात को खाना खिलाया गया। देर रात तबीयत बिगड़ने पर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया। शनिवार तड़के उसने दम तोड़ दिया।