कुछ ही दिन में 2.75 करोड़ रुपये ठगे जाने से कहा की तबीयत और मानसिक स्थिति बिगड़ गई। झिझक और शर्म के चलते वह अपने साथ हुई ठगी की शिकायत पुलिस से नहीं कर सके। बाद में पीड़ित को ज्यादा परेशान होता देख घरवालों के समझाने पर वह मान गए और छह अक्तूबर को विकासनगर पुलिस से शिकायत की। थानाध्यक्ष आलोक सिंह के मुताबिक मामले में केस दर्ज किया गया है। जांच के लिए केस साइबर क्राइम थाने ट्रांसफर किया गया है।
डिजिटल अरेस्ट से कैसे बचें : अगर आपके पास अनजान नंबर से कॉल आए तो सावधान हो जाएं। अगर कॉल करने वाला शख्स यह कहता है कि आपके नाम से पार्सल बुक है। कस्टम विभाग ने पकड़ा है। केस दर्ज कर करके कार्रवाई की जा रही है.... तो तुरंत सतर्क हो जाएं। ये कॉल साइबर ठग की होती है। तत्काल पुलिस से शिकायत करें।
यहां करें शिकायत यदि आप ठगी का शिकार होते हैं तो साइबर क्राइम थाने, साइबर सेल, लोकल पुलिस स्टेशन, टोल फ्री नंबर 1930 या
www.cybercrime. gov. in वेबसाइट के जरिये शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
राजधानी में पहले इनसे भी हो चुकी ठगी
- इंदिरानगर के लक्ष्मणपुरी विस्तार निवासी निजी कॉलेज की प्रोफेसर प्रमिला मानसिंह से 78.50 लाख रुपये हड़पे गए।
- कनाडा के रहने वालीं सुमन कक्कड़ व उनकी बहन से 1.88 करोड़ ऐंठे गए।
- बाजारखाला के ऐशबाग निवासी सरकारी बैंक के पूर्व कर्मचारी प्रभात कुमार से 1.20 करोड़ हड़पे गए।
- एसजीपीजीआई की महिला डॉक्टर रुचिका टंडन से 2.81 करोड़ वसूले गए।
- हजरतगंज के अशोक मार्ग पर रहने वाले डॉक्टर पंकज रस्तोगी की पत्नी दीपा से 2.71 करोड़ की ठगी हुई।
- हजरतगंज निवासी मरीन इंजीनियर एके सिंह से 84 लाख की ठगी हुई।
- ठाकुरगंज के पंचायती राज विभाग से रिटायर कमल कांत मिश्रा से 17 लाख 50 हजार वसूले गए थे।