शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर फिलहाल उनको बतौर निदेशक काम करने पर रोक लगा दी गई थी। 10 जनवरी 2022 को उनकी पेंशन रोकने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
ग्रेटर नोएडा में एक बड़े बिल्डर को आवासीय योजना के लिए अस्थायी कनेक्शन जारी करने में अनियमितताओं के आरोप में शासन ने पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम के निदेशक (तकनीकी) राकेश कु मार को हटा दिया गया है। शुरुआती जांच में दोषी पाए जाने पर फिलहाल उनको बतौर निदेशक काम करने पर रोक लगा दी गई थी। 10 जनवरी 2022 को उनकी पेंशन रोकने के आदेश भी जारी किए जा चुके हैं।
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ग्रेटर नोएडा में एक बड़े बिल्डर को अस्थायी कनेक्शन जारी करने में बरती गई अनियमितताओं में राकेश कुमार की तत्कालीन अधीक्षण अभियंता के रूप में भूमिका सामने आई थी। इसका खुलासा होने पर पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने मध्यांचल विद्युत वितरण निगम के तत्कालीन एमडी एसपी गंगवार की अध्यक्षता में समिति का गठन करके जांच कराई थी।
जांच रिपोर्ट रिपोर्ट में दोषी ठहराए जाने पर शासन ने राकेश कुमार के बतौर निदेशक (तकनीकी) काम करने पर रोक लगा दी थी और उन्हें पश्चिमांचल विद्युत वितरण निगम से संबद्ध कर दिया था। इसके बाद जनवरी में उनकी पेंशन रोकने का आदेश जारी कर दिया गया था। राकेश कुमार 31 मार्च 2021 को पश्चिमांचल वितरण निगम से मुख्य अभियंता के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। इसके बाद उनकी नियुक्ति निदेशक (वितरण) के पद पर की गई थी।