संपत्ति का नामांतरण कराने वालों को अब नगर निगम में कम शुल्क देना होगा। यह करीब छह गुना तक कम हो गया है। नगर निगम कार्यकारिणी की मंगलवार को हुई बैठक में शुल्क कम करने के प्रस्ताव को पास कर दिया गया। खास बात है कि इसे बुधवार से लागू भी कर दिया जाएगा। ऐसा पहली बार होगा। इससे अब उन 500 से अधिक लोगों को भी शुल्क कम होने का फायदा मिल जाएगा, जिन्होंने पहले से आवेदन किया है मगर अभी शुल्क जमा नहीं किया है।
कार्यकारिणी ने ऑटो, टैंपो और ई रिक्शा संचालन नियमावली को पास कर दिया है। कानूनी प्रक्रिया पूरी कर इसे तीन महीने में लागू भी किया जाएगा। इसके साथ ही स्टैंड संचालन के पुराने प्रस्ताव को निरस्त कर दिया है। इससे ऑटो, टैंपो, ई रिक्शा स्टैंड संचालन के एवज में 20 रुपये प्रति शुल्क लेने की संयुक्त मोर्चा को पूर्व में दी गई अनुमति को भी निरस्त कर दिया गया। ऐसे में अब जब तक नई नियमावली का गजट नोटिफिकेशन नहीं होगा, शुल्क की वसूली नहीं की जाएगी। नई नियमावली में स्टैंड संचालन का काम ठेके पर दिया जाएगा।
सिनेमा घरों और मल्टीप्लेक्स पर लगने वाले शो टैक्स में बढ़ोतरी का प्रस्ताव बोर्ड बैठक में लाया जाना था, मगर उसे रखा नहीं गया। नालों में सीवर बहाने वाले प्राइवेट टैंकर चालकों पर भी कार्रवाई की जाएगी। उन पर जुर्माना भी लगाया जाएगा। इसके साथ ही जो प्राइवेट ठेकेदार काम करेंगे उनका जलकल विभाग में पंजीकरण कराना होगा और सीवर को भरवारा एसटीपी में ले जाकर निस्तारित करना होगा। ऐसा नहीं करने पर पांच हजार रुपये तक जुर्माना भी लगाया जाएगा।
अमर उजाला ने उठाया मुद्दा तो कम हुआ नामांतरण शुल्क
नगर निगम अभी तक संपत्ति की कीमत का एक प्रतिशत नामांतरण शुल्क लेता था। इसे कम करने का प्रस्ताव नगर निगम ने बनाया था। एक महीने पहले हुई कार्यकारिणी समिति में नामांतरण शुल्क का अधिकतम 10 हजार रुपये करने का प्रस्ताव पास हुआ था। पर, जब नामांतरण को लेकर संपत्ति की कीमत के आधार पर स्लैब बनाया गया तो उसमें अधिकतम शुल्क 15 हजार रुपये कर दिया गया। ऐसे में 30 लाख रुपये तक की संपत्ति के नामांतरण कराने वालों को तो फायदा हो रहा था, मगर उससे अधिक वालों से 10 हजार रुपये से अधिक और 15 हजार रुपये तक शुल्क लेने का प्रस्ताव बनाया गया था। इस मामले को अमर उजाला ने सोमवार को प्रमुखता से उठाया। इसका असर यह हुआ कि 10 हजार रुपये अधिक और 15 हजार रुपये तक वाले स्लैब को समाप्त कर दिया गया। अब 30 लाख रुपये से अधिक कीमत वाली संपत्तियों का भी नामांतरण शुल्क 10 हजार रुपये ही लिया जाएगा।