अन्य पिछड़ा वर्ग के सभी पात्र विद्यार्थियों को इस सत्र में छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई करने की तैयारी की जा रही है। इसके लिए जहां 922 करोड़ रुपये ज्यादा बजट की व्यवस्था की गई है, वहीं गड़बड़ियों पर अंकुश लगाने के लिए आधार आधारित पेमेंट अनिवार्य कर दिया गया है।
प्रदेश सरकार दो लाख रुपये सालाना आमदनी वाले ओबीसी परिवारों को छात्रवृत्ति के साथ शुल्क भरपाई की सुविधा देती है। बशर्ते, पिछली कक्षा में उनके न्यूनतम अंक 50 प्रतिशत रहे हों। वर्ष 2022-23 में 24 लाख ओबीसी विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिला था, जबकि बजट की कमी के चलते 5 लाख छात्र भुगतान नहीं पा सके। पिछले वित्त वर्ष में इस मद में कुल 1514.86 करोड़ रुपये बजट प्रावधान किया गया था।
चालू वित्त वर्ष में 50 प्रतिशत अंक की अर्हता पूरी करने वाले सभी पात्र विद्यार्थियों को योजना का लाभ दिए जाने की योजना है। इसके लिए अनुपूरक बजट में भी 330 करोड़ रुपये दिए गए। अब इस मद में कुल 2437 करोड़ रुपये की व्यवस्था हो गई है। करीब 30 लाख विद्यार्थियों को योजना का लाभ मिलने की संभावना है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के अधिकारियों का कहना है कि आधार आधारित भुगतान की व्यवस्था होने से ''जेनुइन'' छात्र ही लाभ पा सकेंगे।
हमारे पास पर्याप्त बजट उपलब्ध है। उम्मीद है कि इस बार हम सभी पात्र छात्रों को लाभांवित कर सकेंगे।
-सुभाष चंद्र शर्मा, प्रमुख सचिव, पिछड़ा वर्ग कल्याण