लखनऊ प्रयाग शताब्दी एक्सप्रेस, लखनऊ जंक्शन जयपुर डबलडेकर, डुप्लीकेट पुष्पक...और ऐसी ही रेलवे की महत्वाकांक्षी ट्रेनें अब जल्द ही पटरी पर दौड़ती नजर आएंगी। इसके लिए बोर्ड स्तर पर तैयारियां तेज कर दी गई हैं। बोर्ड व जोन के आला अधिकारियों के बीच मंथन चल रहा है। इससे हजारों यात्रियों को राहत हो जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि नए साल केतोहफे में यात्रियों को प्रयागराज शताब्दी व लखनऊ जयपुर डबलडेकर मिल जाएगी।
दरअसल, लखनऊ से प्रयागराज जाने वाले यात्रियों की सुविधा के लिए एक हाईस्पीड व लग्जरी ट्रेन चलाने की मांग कुंभ के पहले ही उठ रही थी। इस पर कई बैठकें भी हुईं। इसके बाद संचालन के लिए रास्ते साफ होने लगे। दोनों शहरों के बीच लंबे समय से प्रस्तावित और लगातार टल रही शताब्दी एक्सप्रेस का संचालन कोरोनाकाल में कागजों में फंसकर रह गया। जबकि इससे पहले उत्तर मध्य रेलवे प्रशासन की ओर से तैयारियों को अमलीजामा पहनाया गया और टाइमटेबल तैयार कर उत्तर रेलवे को भेजा भी गया। लखनऊ से फाफामऊ तक उत्तर रेलवे का सेक्शन है, जबकि इसके आगे प्रयाग तक रेलवे सेक्शन उत्तर मध्य रेलवे का है। फिर ट्रेनों के बंद हो जाने से यह प्रोजेक्ट भी ठंडे बस्ते में चला गया। रेलवे बोर्ड के एक आला अधिकारी ने बताया कि ट्रेन को चलाने के लिए तैयारियां तेज कर दी गई हैं। नए साल में इस ट्रेन के पटरी पर उतारने में लग गए हैं। इससे लखनऊ से प्रयाग जाने वाले यात्रियों को खासी राहत हो जाएगी।
जयपुर डबलडेकर : टाइमटेबल तैयार, झंडी का इंतजार
लखनऊ जंक्शन से दिल्ली और दिल्ली से जयपुर के बीच चलने वाली दो डबलडेकर ट्रेनों को मिलाकर जंक्शन ये जयपुर के बीच एक डबलडेकर चलाने की योजना तैयार की गई। जंक्शन व जयपुर केअधिकारियों के बीच विचार विमर्श हुआ। ट्रेन का ट्रायल किया गया, टाइमटेबल बना, उद्घाटन की तैयारियां भी हुईं। पर, ट्रेन शुरू नहीं हो सकी। कुछ जनप्रतिनिधियों के अड़ंगे की वजह से जयपुर डबलडेकर का दम कागजों में घुट रहा था। पर, यात्रियों की मांग को देखते हुए रेलवे बोर्ड इस ट्रेन को नए साल से चलाने के मूड में है। इसे लेकर बोर्ड स्तर पर बातचीत चल रही है। इससे लखनऊ से जयपुर जाने वाले यात्रियों को बड़ी राहत हो जाएगी।
डुप्लीकेट पुष्पक चले तो घटे मुम्बई की वेटिंग
पुष्पक एक्सप्रेस लखनऊ से मुम्बई जाने वालों की पसंदीदा ट्रेन है। टिकटों की मारामारी आम बात है। इस वीआईपी ट्रेन की डुप्लीकेट चलाने का प्रोजेक्ट वर्षों पुराना है। यात्रियों को राहत देने के लिए डुप्लीकेट पुष्पक एक्सप्रेस का प्लान कई बार बना और कागजों में दबकर रह गया। पर, अब रेलवे अधिकारियों ने इस ट्रेन को लेकर मंथन शुरू कर दिया है। पुष्पक के पीछे ही इसे चलाया जाएगा। जिससे मुम्बई के यात्रियों को बड़ी राहत हो जाएगी। उम्मीद जताई जा रही है कि अगले साल तक इसे लेकर बड़ी घोषणा की जा सकती है।
सर्कुलर ट्रेन मार्च तक दौड़ाने की तैयारी
उत्तर व पूर्वोत्तर रेलवे लखनऊ मंडलों के बीच आपसी मतभेद के चलते लखनऊ में सर्कुलर ट्रेन नहीं दौड़ सकी। दैनिक यात्री एसोसिएशन के अध्यक्ष एसएस उप्पल ने बताया कि सर्कुलर ट्रेन चलने से कानपुर, सीतापुर, बाराबंकी, हरदोई आदि के यात्रियों को राहत हो जाएगी, उन्हें सस्ते व किफायती टिकट मिल सकेंगे और रेलवे को भी राजस्व मिलेगा। पर, अधिकारियों केआपसी मतभेद आड़े न आएं तो यह ट्रेन जल्द ही पटरी पर लौट सकती है। यह अच्छी बात है कि इसे लेकर विचार विमर्श शुरू कर दिया गया है।