मड़ियांव के भिठौली क्रॉसिंग के पास किराये के मकान में रहने वाली 19 वर्षीय नर्सिंग छात्रा सेजल वर्मा ने फंदा लगाकर जान दे दी। आत्महत्या के कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस ने जांच के लिए छात्रा का मोबाइल फोन कब्जे में लिया है।
सेजल मूलरूप से लखीमपुर खीरी के गोला स्थित बेलाबोझी गांव की निवासी थी। वह लखनऊ में अपने भाई रीजल के साथ रहकर निजी इंस्टीट्यूट से नर्सिंग ओटी टेक्नीशियन के दूसरे वर्ष की पढ़ाई कर रही थीं। पिता संदीप वर्मा ने बताया कि परीक्षा खत्म होने पर रीजल गांव चला गया था। सेजल उस समय अपने किराये के मकान में अकेली रह रही थी।
शुक्रवार शाम उन्होंने उसे फोन किया, लेकिन कॉल नहीं उठी। उन्होंने बेटी के कमरे के पास रहने वाले साढ़ू के बेटे को देखने के लिए कहा। साढ़ू का बेटा सेजल के कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद था। दरवाजा तोड़ने पर सेजल का शव पंखे से दुपट्टे के सहारे लटका मिला। मौके पर पहुंची मड़ियांव पुलिस ने छानबीन के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया। इंस्पेक्टर शिवानंद मिश्र ने बताया कि परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है। सेजल के मोबाइल की कॉल डिटेल और व्हाट्सऐप डेटा की जांच की जा रही है। छात्रा के परिवार में पिता संदीप, मां किरण, बड़ा भाई रीजल और छोटा भाई काव्यांश हैं। संदीप गोला गन्ना समिति में बाबू हैं।
ऑटो चालक ने की आत्महत्या
मड़ियांव के फैजुल्लागंज निवासी ऑटो चालक राकेश (32) ने आत्महत्या कर ली। उनके बहनोई सत्येंद्र ने बताया कि बृहस्पतिवार को राकेश शराब के नशे में घर पहुंचे और चुपचाप अपने कमरे में चले गए। कुछ देर बाद उनकी पत्नी कमरे में पहुंचीं तो राकेश को फंदे से लटका देखा। परिजन राकेश को ट्रॉमा सेंटर लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान शनिवार तड़के उनकी मौत हो गई। राकेश के परिवार में पत्नी और दो बच्चे हैं। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्र का कहना है कि आत्महत्या के कारण का पता नहीं चल सका है। परिजनों ने कोई आरोप नहीं लगाया है।