अपराध के ये मामले साबित करते हैं कि डकैती, हत्या, लूट के मामले में भी राजधानी पुलिस हाथ पर हाथ धरे बैठी रही, जबकि दूसरे जिलों की पुलिस ने न सिर्फ बदमाश पकड़े बल्कि यहां हुई वारदातों का खुलासा भी किया।
क्राइम में अव्वल राजधानी में पुलिस का भय अपराधियों के बीच से खत्म हो चुका है। दूसरे जिलों में पकड़े गए बदमाशों ने पूछताछ में बताया कि वह वारदात को अंजाम देने के बाद अक्सर लखनऊ आते-जाते रहे।
उन्होंने सिलसिलेवार घटनाओं को अंजाम दिया लेकिन पुलिस उन्हें छू तक नहीं सकी। कुछ केसों से इस बात की जानकारी मिल सकती है।
केस एक
सिद्धार्थनगर पुलिस ने किया जानकीपुरम डकैती का खुलासा
जानकीपुरम के योगीजीपुरम कॉलोनी के दो घरों में डकैती व व्यापारी की हत्या के बाद राजधानी पुलिस हाथ पर हाथ धर कर बैठी रही।
वहीं, सिद्धार्थनगर में मुठभेड़ में डकैतों को पकड़ने के साथ वहां की पुलिस ने इस घटना का पर्दाफाश कर दिया।
डकैतों ने और भी कई वारदातों का जिक्र किया है लेकिन कभी भी वह लखनऊ में नहीं पकड़े गए। खास बात है कि उन्होंने गोमतीनगर में आईएएस अफसर हृदय शंकर तिवारी के घर वारदात का भी जिक्र किया था।
वाराणसी पुलिस ने किया खुलासा
यूपी पुलिस
- फोटो : प्रतीकात्मक चित्र
केस दो
वाराणसी पुलिस ने दबोचा चिनहट डकैती कांड के आरोपी
चिनहट की प्रेमबाग कॉलोनी निवासी खाद्य एवं रसद विभाग के रिटायर्ड डिप्टी कमिश्नर राम पलट पांडेय के घर एक करोड़ की डकैती में लखनऊ पुलिस सुराग ढूंढती रह गई।
वाराणसी पुलिस ने डकैत गिरोह के सरगना विष्णु को दबोचकर वारदात का खुलासा भी कर दिया। हालांकि डकैती में लूटा गया रुपया, जेवर और विदेशी रिवाल्वर बरामद नहीं हो सका है।
केस तीन
मेरठ पुलिस ने अलीगंज में चोरी का किया खुलासा
अलीगंज के कपूरथला मार्र्ग पर रुचि इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का शटर तोड़कर एलईडी चुराने वाले गैंग के दो बदमाश मेरठ में दबोचे गए।
पुलिस ने उनके पास से एक स्कार्पियो, 22 एलईडी, तीन लखनऊ के रुचि इलेक्ट्रानिक्स से चुराई एलईडी, आठ बैट्री, दस कंप्यूटर प्रिंटर, आठ सबमसर्सिबल, तीन इन्वर्टर, डीवीडी, स्कैनर मशीन समेत लाखों का सामान बरामद हुआ।
आगरा की पुलिस ने पकड़ा लुटेरों को
दूसरे जिलों की पुलिस ने किए खुलासे
- फोटो : demo pic
केस चार
आगरा पुलिस ने पकड़ा लखनऊ के बैंक लुटेरों को
चिनहट में शेख सराय स्थित एसबीआई शाखा के गार्ड सीतापुर निवासी श्रवण कुमार की गोली मारकर हत्या के बाद नकाबपोश बदमाश 38,300 रुपये लूट ले गए थे।
बीती 16 मार्च को आगरा के पिनाहट नगला बिंडवान निवासी उमाशंकर को पकड़कर वारदात का खुलासा किया। बाद में उमाशंकर के दो साथी भी पकड़े गए थे।
एसएसपी राजेश कुमार पांडेय का कहना है बाहर के गैंग ने राजधानी में वारदातों को अंजाम दिया। बनारस में पकड़ा गया गिरोह मध्य प्रदेश का था।
इसी तरह, पश्चिम के बदमाशों ने कई घटनाएं की हैं। राजधानी पुलिस भी अपने स्तर से प्रयास करती रही लेकिन, सफलता दूसरे जिलों की पुलिस को मिल गई। अब हम लोगों का फोकस अन्य वारदातों पर है, जिनके खुलासे नहीं हुए हैं।