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सुविधा को तरसते लोग: पीजीआई, लोहिया संस्थान और केजीएमयू के बीच दौड़ता रहा मरीज, छह घंटे बाद मिला वेंटीलेटर, सांसों ने छोड़ा साथ

Thu, 23 Sep 2021 07:22 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

बुखार से ग्रस्त एक मरीज तीन अस्पतालों की दौड़ लगाने के छह घंटे बाद ट्रॉमा में वेंटीलेटर मिला।
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केजीएमयू - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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लखनऊ में वेंटीलेटर डिब्बों में पैक रखे हैं या उनका संचालन नहीं हो पा रहा है। ऐेसे में अति गंभीर मरीजों को वेंटीलेटर न मिलने से उनकी जान जा रही है। बुखार से ग्रस्त एक मरीज तीन अस्पतालों की दौड़ लगाने के छह घंटे बाद ट्रॉमा में वेंटीलेटर मिला। ऐसे में कुछ ही देर बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है पहले पीजीआई एपेक्स ले गए थे। वहां पर कोविड अस्पताल होने की वजह से भर्ती नहीं किया गया। मरीज को बुखार संग सांस लेने की तकलीफ हुई थी।

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प्रयागराज के रहने वाले गुलाब सिंह (50) को करीब चार दिन पहले तेज बुखार आया था। परिजनों ने पहले नजदीकी अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया मगर वहां पर कोई फायदा न मिला। इस दौरान मरीज की हालत गंभीर होती चली गई। उसे वेंटीलेटर स्पोर्ट की जरूरत बताकर पीजीआई भेजा गया। मंगलवार रात परिजन मरीज को लेकर पीजीआई पहुंचे। वहां पर घंटों तक मरीज एंबुलेंस में पड़ा तड़पता रहा मगर भर्ती नहीं किया गया। आखिर में एंबुलेंस चालक मरीज को लेकर निजी अस्पताल में वेंटीलेटर दिलाने का झांसा देकर भर्ती करा दिया। रात भर में निजी अस्पताल ने वेंटीलेटर व इलाज के नाम पर 90 हजार रुपये वसूल लिए। 

परिजनों ने रुपये न होने की बात कहकर बुधवार सुबह डिस्चार्ज करा लिया। मरीज को वेंटीलेटर स्पोर्ट एंबुलेंस से दोबारा पीजीआई लेकर गए मगर वहां से फिर निराश लौटना पड़ा। मरीज को लेकर लोहिया संस्थान गए मगर वहां पर वेंटीलेटर खाली न मिला। इस दौरान करीब छह घंटे बीत गए। आखिर में तीमारदार मरीज को लेकर दोपहर करीब दो बजे ट्रॉमा सेंटर आए। वहां पर डॉक्टरों से मिन्नत करने बाद मरीज को मेडिसिन वार्ड के आईसीयू में वेंटीलेटर स्पोर्ट पर डाला गया। वेंटीलेटर स्पोर्ट पर जाने के कुछ ही देर बाद मरीज ने दम तोड़ दिया। 
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भतीजा कन्हैया लाल का कहना है कि मरीज को लेकर करीब छह घंटे तक भटकने बाद वेंटीलेटर मिला मगर तब तक काफी देर हो चुकी थी। केजीएमयू प्रवक्ता डॉ. सुधीर सिंह का कहना है संस्थान में आने वाले अति गंभीर मरीजों को प्राथमिकता से इलाज मुहैया कराया जाता है।

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