एलडीए वीसी का कहना है कि नगर निगम सिर्फ विस्तारित इलाकों की ही जमीन की एनओसी दे पाता है। शहर केजो पुराने 86 मोहल्ले हैं उनका तो उसके पास रिकार्ड ही नहीं है। उसकी एनओसी वह एलडीए से रिपोर्ट लेकर देता है। ऐसे में जब एलडीए को ही रिकार्ड देखकर एनओसी देना है तो नगर निगम का क्या मतलब, रही बात विस्तारित इलाकों की तो उसकी एनओसी तहसील से ली जाएगी क्योंकि तहसील से सीलिंग की जमीन की एनओसी ली ही जाती है। तहसील के पास पूरे शहर का रिकार्ड रहता है ऐसे में एक ही जगह से दोनों एनओसी आ जाएगी। बाकी जांच एलडीए का सम्पत्ति विभाग कर लेगा। उसको निर्देश दिए गए हैं कि वह नगर निगम में शामिल जमीनों का रिकार्ड अपने पास रख ले ताकि नगर निगम की जमीनों की जांच व अपने स्तर पर कर ले।
नगर निगम मानचित्र पास करने एवज में मलवा शुल्क भी वसूला करता है। ऐसे में एनओसी नहीं लिए जाने पर नगर निगम को मलवा शुल्क से होने वाली आय पर भी असर पड़ सकता है। इसको लेकर एलडीए वीसी का कहना है कि नगर निगम अपना मलवा शुल्क ले सकेगा। उस पर रोक नहीं लगाई जाएगी।