मुख्यमंत्री योगी का ओएसडी बन एक प्रमुख सचिव को फोन शिक्षकों के तबादला करने का दबाव बनाने व उनको धमकाने वाले दो शातिरों को गौतमपल्ली पुलिस ने गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में एक छात्र है तो दूसरा एक राजनैतिक पार्टी से जुड़ा हुआ है। रविवार को दोनों आरोपी कोर्ट में पेश किए गए। जहां से वह जेल भेजे गए।
गौतमपल्ली इंस्पेक्टर रिकेश सिंह ने बताया कि एक दिसंबर को सीएम के ओएसडी संजीव सिंह ने एक एफआईआर दर्ज कराई थी। जिसमें बताया गया था कि प्रमुख सचिव प्राथमिक शिक्षा को अनजान शख्स ने कॉल की। खुद को ओएसडी संजीव सिंह बताकर दो शिक्षकों के तबादले करने को निर्देशित किया। शक होने पर जब प्रमुख सचिव ने सवाल जवाब किए तो उन्होंने उनको धमकी दी।
पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर तफ्तीश शुरू की और रविवार को देवरिया के खुखुन्दु निवासी वेद प्रकाश मिश्रा और संदीप सिंह को गिरफ्तार किया। इंस्पेक्टर के मुताबिक पूछताछ में संदीप ने खुद को एक राजनैतिक दल से जुड़ा होने का दावा किया जबकि वेद छात्र है। पुलिस आरोपियों के मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल आदि खंगाल रही है। आशंका है कि इस तरह का खेल पहले भी आरोपियों ने किया होगा। जिससे वह ठगी को अंजाम देते हैं। जांच पूरी होने पर पूरे तथ्य सामने आएंगे।
मेडिकल कॉलेज की निदेशक को भी अर्दब में लिया
पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपियों ने मिर्जापुर के संस्तुष्टि आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज की निदेशक डॉ. रितु गर्ग को भी फोन किया था। किसी की डिग्री देने के लिए दबाव बनाया था। निदेशक ने जब इनकार कर दिया था तो दोनों ने उनसे अभद्रता की थी।