मुझे कुछ लोगों ने अगवा कर लिया है। वह पकड़े हुए है और मोबाइल पर बात नहीं करने दे रहे हैं। किसी तरह मेसेज कर सकता हूं। मेरी चिंता न करना अब नहीं आ पाउंगा। यह मेसेज शनिवार की शाम को नवीं के छात्र ने अपनी मां और नाना के मोबाइल पर भेजा। जिसे देख पूरा परिवार घबरा गया। कॉल किया तो छात्र ने रिसीव नहीं किया। इसके बाद वह लगातार वाई-फाई से कनेक्टर कर सिर्फ व्हाट्सएप मेसेज ही भेजता रहा।
परिजनों ने पुलिस से संपर्क किया। पुलिस ने छात्र की लोकेशन निकाली तो दिल्ली मिली। पुलिस ने सावधानी बरतनी शुरू की। छात्र तक पहुंचने के लिए मां से मेसेज कराया। इसके बाद व्हाट्सएप पर छात्र ने मां से बातचीत की। मां ने भावुकता से बात कर परिवार के त्याग के बारे में बताया। इस पर छात्र खुद को नहीं रोक सका रविवार को खुद ही वापस लखनऊ अपने घर पहुंच गया।
प्रभारी निरीक्षक बाजारखाला विनोद यादव के मुताबिक छात्र राजाजीपुरम का रहने वाला है। उसके पिता प्राइवेट नौकरी करते हैं। छात्र बाजारखाला में अपने नाना के यहां रहता था। एक माह से वह स्कूल नहीं जा रहा था। सुबह समय से बैग लेकर घर से 6.30 बजे निकलता। दोपहर दो बजे लौट आता था। इस बीच वह 1090, गोमतीनगर, शापिंग माल और अन्य स्थानों पर घूमता था। मां को कुछ शक हुआ। मां ने पूछताछ की और कहा कि वह स्कूल चलकर उसकी शिकायत करेगी कि घर पर पढ़ाई नहीं करता।
शनिवार सुबह मां को स्कूल जाना था। छात्र को लगा कि सारी बात मां को पता चल जाएगा। इस लिए वह दिल्ली भाग गया था। उसने पहले अपना मोबाइल बंद रखा। फिर शाम पांच बजे करीब मैसेज किया था। इसके पहले घर वाले उसे खोजते रहे तो कुछ पता नहीं चला था। मैसेज आने पर छात्र के नाना ने मुकदमा दर्ज कराया था। घरवालों ने रात थाने पर हंगामा किया था। छात्र अपनी मौसी से कुछ बताकर आठ हजार रुपये ले गया था। किसी काम के बहाने रुपये उसने लिए थे। उन्हीं रुपयों को वह बाहर खर्च कर रहा था।