उत्तर प्रदेश को दस खरब डालर अर्थव्यवस्था बनाने के लिए बनाई गई नीतियों का असर दिखने लगा है। मोबाइल कॉम्पोनेंट्स में उत्तर प्रदेश के रुतबे का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि देश के कुल 55 प्रतिशत मोबाइल कॉम्पोनेंट्स का उत्पादन अकेले उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद बाजार में प्रदेश देश में पहले स्थान पर है। इसी कारण देश में इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों का सबसे बड़ा निर्यातक है। देश में सबसे तेजी से विकसित होने वाला आईटी भी यूपी बन गया है। हैंडलूम सेक्टर में भी उत्तर प्रदेश देश में तीसरे पायदान पर काबिज है।
इनवेस्ट इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश की जनसंख्या ब्राजील के बराबर है। सीएम योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप प्रदेश में औद्योगिक व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए कोर सेक्टर्स का चयन किया गया है। इनमें पॉलिसी निर्धारण, रियायतें, जमीन आवंटन समेत तमाम प्रक्रियाओं के जरिए ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा दिया जा रहा है।
इनवेस्ट इंडिया के आंकड़ों के अनुसार उत्तर प्रदेश में इलेक्ट्रॉनिक सिस्टम डिजाइन व निर्माण सेक्टर से जुड़ी 196 कंपनियां कार्यरत हैं। वर्तमान में 30 स्पेशल इकॉनमिक जोन व 40 आईटी व आईटीईएस पार्क हैं, जो प्रदेश की पहचान देश के नए आईटी हब के तौर पर विकसित कर रहे हैं। योगी सरकार की नीतियों के कारण नोएडा व ग्रेटर नोएडा में रिसर्च व डेवलपमेंट सेंटरों का विकास हुआ है। सेमीकंडक्टर्स को लेकर शोध कर रही कंपनियों ने भी प्रदेश में कदम रख दिए हैँ।
मेरठ, मुरादाबाद, कन्नौज, कानपुर, आगरा, वाराणसी, भदोही व लखनऊ प्रदेश के मुख्य व्यापारिक केंद्रों के तौर पर अपनी पकड़ मजबूत कर रहे हैं। देश में खाद्यान्न उत्पादन के लिहाज से 8 प्रतिशत से ज्यादा उत्पादों का उत्पादन उत्तर प्रदेश में हो रहा है। उत्तर प्रदेश मत्स्य उत्पादन में तीसरे व फ्रोजन मीट उत्पादन में पहले पायदान पर है। 15 एग्रो व फूड प्रोसेसिंग क्लस्टर व 4 कृषि निर्यात जोन के कारण उत्तर प्रदेश खाद्य प्रसंस्करण के क्षेत्र में भी लगातार तरक्की कर रहा है।