इस अपार्टमेंट को बिल्डर ने प्रवर्तन इंजीनियरों एवं जोनल प्रभारी की सांठगांठ से मानचित्र के विपरीत बनाया है। इसे ध्वस्त करने का आदेश पूर्व में हुआ था, लेकिन मगर बिल्डर के अपील में जाने एवं मुख्यालय में सांठगांठ होने के कारण इसे तोड़ा नहीं गया।
यजदान बिल्डर के वजीर हसन रोड पर अलाया अपार्टमेंट गिरने के लगभग 10 माह बाद उसके एक और अवैध अपार्टमेंट को ध्वस्त करने की एलडीए ने तैयारी शुरू कर दी है। यह अवैध अपार्टमेंट महानगर रेलवे लाइन किनारे है। इस अपार्टमेंट को बिल्डर ने प्रवर्तन इंजीनियरों एवं जोनल प्रभारी की सांठगांठ से मानचित्र के विपरीत बनाया है।
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इसे ध्वस्त करने का आदेश पूर्व में हुआ था, लेकिन मगर बिल्डर के अपील में जाने एवं मुख्यालय में सांठगांठ होने के कारण इसे तोड़ा नहीं गया। अब बीते सोमवार को शासन स्तर पर यजदान बिल्डर के अवैध अपार्टमेंट की समीक्षा में तत्काल कार्रवाई के निर्देश मिलने पर महानगर के अपार्टमेंट को हफ्ते भर में गिराने की तैयारी शुरू हुई है। यजदान के प्राग नरायन रोड, डालीबाग, पेपर मिल कॉलोनी, कठौता झील गोमतीनगर के भी अपार्टमेंट अवैध हैं। एलडीए वीसी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी के मुताबिक इस संबंध में जोनल प्रभारी प्रवर्तन श्रद्धा चौधरी को निर्देश दिए गए हैं।
इधर, तैयार होने लगी मददगारों की कुंडली
हजरतगंज के प्राग नरायन रोड पर नजूल की जमीन पर एलडीए के अभियंताओं व अफसरों की सांठगांठ से छह मंजिल के अवैध अपार्टमेंट अलाया हेरिटेज का निर्माण करने वाले यजदान बिल्डर यानी यजदान इंफ्राकॉन कंपनी की कारस्तानी में मददगारों की कुंडली तैयार होने लगी है। एलडीए ऐसे लेखपाल सहित छह अभियंताओं के आरोप पत्र मंगलवार से बनाने शुरू कर दिए हैं।
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दरअसल, शासन स्तर पर बीते सोमवार को यजदान मामले में आयोजित बैठक में अवैध निर्माण कराने वाले जिम्मेदारों पर कार्रवाई न करने के लिए खूब खिंचाई हुई और तत्काल आरोप पत्र जारी करके रिपोर्ट करने के निर्देश दिए गए थे। इसके बाद मंगलवार को एलडीए की ओर से ध्वस्त कराए गए अवैध अपार्टमेंट अलाया हेरिटेज में बिल्डर से सांठगांठ रखने वालों की फाइल खोज कर आरोप पत्र बनने लगे हैं।
उधर, शासन ने एक बार फिर से एलडीए से सवाल किया है कि छह मंजिल के अपार्टमेंट के बनने में उच्च स्तर के प्रवर्तन अभियंता एवं अफसर कैसे जिम्मेदार नहीं हैं। इस सिलसिले में जोन छह में रह चुके जोनल अधिकारियों, विहित प्राधिकारियों व उच्च अभियंताओं के संबंध में एक रिपोर्ट तलब की है। इससे जोनल प्रवर्तन प्रभारियों पर भी कार्रवाई के बादल मंडराने लगे हैं।