आयोग ने इन अफसरों से घटना के विस्तृत विवरण सहित इससे जुड़े तमाम अभिलेख मांगे है साथ ही घटना को फर्जी बताए जाने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण भी मांगा है।
राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग ने महिला मुख्य आरक्षी के साथ सरयू एक्सप्रेस में बर्बरता करने वाले बदमाशों के एनकाउंटर की सूचना नहीं देने पर सख्त रुख अपनाते हुए डीजीपी और अयोध्या के डीएम व एसएसपी को नोटिस थमाते हुए आठ हफ्ते में जवाब तलब किया है।
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बता दें कि घटना के बाद 22 सितंबर को अयोध्या में अनीश, आजाद खान तथा विशंभर दयाल दुबे के साथ हुई कथित मुठभेड़ मामले में पूर्व आईपीएस अमिताभ ठाकुर ने आयोग से शिकायत की थी।
आयोग के मुताबिक अफसरों ने नियमानुसार मुठभेड़ की सूचना निर्धारित समय पर आयोग को नहीं भेजी थी। आयोग ने इन अफसरों से घटना के विस्तृत विवरण सहित इससे जुड़े तमाम अभिलेख भी मांगे हैं, जिसमें मजिस्ट्रेट जांच, फॉरेंसिक जांच, बैलेस्टिक जांच, एफआईआर, पोस्टमार्टम रिपोर्ट, मृतक का आपराधिक इतिहास आदि शामिल है। साथ ही घटना को फर्जी बताए जाने के संबंध में प्राप्त शिकायतों पर की गई कार्रवाई का विवरण भी तलब किया है।
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बता दें कि आयोग से हुई शिकायत में कहा गया था कि विशंभर नाथ दुबे की बेटी के अनुसार उनके पिता जब सुबह घर पर सो रहे थे, तो एक फर्जी नेम प्लेट की स्कॉर्पियो गाड़ी से कुछ लोगों ने आकर सुबह 5:30 बजे उन्हें घर से उठा लिया और बाद में फर्जी मुठभेड़ को अंजाम दिया। इस प्रकरण में अनीश को एसटीएफ और अयोध्या पुलिस ने मुठभेड़ में ढेर कर दिया था, जबकि आजाद खान और विशंभर दयाल गोली लगने से घायल हो गये थे। वहीं महिला मुख्य आरक्षी का राजधानी के केजीएमयू में अभी इलाज जारी है।