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Lucknow News : दुष्कर्म का मामला रफादफा करने में जुटे मोहनलालगंज इंस्पेक्टर निलंबित

Sun, 17 Dec 2023 10:35 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव माई सिटी रिपोर्टर, लखनऊ

सार

लखनऊ में मोहनलालगंज इंस्पेक्टर वीरेंद्र त्रिपाठी दुष्कर्म की एक वारदात को रफादफा करने में जुटे रहे। तहरीर मिलने के बावजूद कार्रवाई न करके कोतवाली में पंचायत करवा घटना दबाए रहे।
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यूपी पुलिस - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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लखनऊ में मोहनलालगंज इंस्पेक्टर वीरेंद्र त्रिपाठी दुष्कर्म की एक वारदात को रफादफा करने में जुटे रहे। तहरीर मिलने के बावजूद कार्रवाई न करके कोतवाली में पंचायत करवा घटना दबाए रहे। रविवार को जब अफसरों को वारदात की जानकारी हुई तो मामले में एफआईआर दर्ज हुई और इंस्पेक्टर को निलंबित कर दिया गया। इंस्पेक्टर के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के भी आदेश दिए गए हैं।

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मूल रूप से बाराबंकी निवासी युवती मोहनलालगंज इलाके में रहती है। युवती के मुताबिक दो साल पहले इलाकाई निवासी शमशाद से उसकी दोस्ती हुई थी। उसने शादी करने का वादा किया। जिसके बाद वह उससे शारीरिक संबंध बनाता रहा। युवती गर्भवती हुई तो जल्द शादी करने की बात कहकर शमशाद ने गर्भपात करा दिया। कुछ समय पहले युवती दोबारा गर्भवती हो गई। युवती का आरोप है कि जब उसने शमशाद से शादी करने को कहा तो वह टालता रहा। इसलिए उसने मोहनलालगंज कोतवाली में उसके खिलाफ तहरीर दी। मगर पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की।

सूत्रों के मुताबिक इंस्पेक्टर वीरेंद्र त्रिपाठी मामले को रफादफा करने में जुट गए। दोनों पक्षों की पंचायत भी करवाई। पीड़िता लगातार कार्रवाई की मांग करती रही। जब यकीन हो गया कि कोतवाली में सुनवाई नहीं होगी तो उसने उच्चाधिकारियों से शिकायत की। जिसके बाद इंस्पेक्टर वीरेंद्र त्रिपाठी निलंबित कर दिए गए। एडीसीपी साउथ शशांक सिंह ने बताया कि मामले में आरोपी शमशाद के खिलाफ दुष्कर्म व गर्भपात कराने की धारा में केस दर्ज किया गया है। उसकी तलाश की जा रही है।
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बोला- तीन लाख ले लो, जिंदगी से चली जाओ
पीड़िता के मुताबिक शमशाद को जब उसने बताया कि वह फिर गर्भवती हो गई है तो उसने कहा कि गर्भपात करवा दो। ये भी कहा कि तीन लाख रुपये ले लो और जिंदगी से चली जाओ। पीड़िता ने अपनी बहन को इस बारे में बताया। उन्होंने जब शमशाद से बात की तो उसने वही बातें उनसे भी कहीं। वह शादी के लिए राजी नहीं हुआ।

धर्मांतरण का आरोप नहीं...
आरोपी शमशाद दूसरे समुदाय का है। ऐसे मामलों में अफसरों के निर्देश हैं कि तत्काल संज्ञान लेकर कार्रवाई करें। फिर भी संवेदनशील मामले को इंस्पेक्टर मैनेज करने में जुट गए थे। इसी के चलते उन पर गाज गिरी। वहीं, ऐसी भी चर्चा है कि आरोपी शमशाद पीड़िता पर धर्मांतरण का दबाव बना रहा था। मगर पीड़िता का कहना है कि धर्मांतरण को लेकर दबाव की बातें पूरी तरह से झूठ हैं।

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