संगठन ने आरोप लगाया है कि मनरेगा में जिला स्तर पर विधि परामर्शी नियुक्त करने का प्रावधान नहीं है। मनरेगा के सहायक आयुक्त और उपायुक्त ही अदालत से जुड़े कामकाज देखते हैं। सुशील को विधि परामर्शी नियुक्त कर हर माह 65,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
बलिया में ग्राम्य विकास विभाग के सेवानिवृत्त वरिष्ठ सहायक सुशील कुमार श्रीवास्तव को मनरेगा में नियम विरुद्ध विधि परामर्शी नियुक्त करने का मामला सामने आया है। प्रादेशिक विकास सेवा संगठन के प्रदेश अध्यक्ष अखिलेश कुमार सिंह और महामंत्री जनमेजय शुक्ला ने ग्राम्य विकास आयुक्त और प्रमुख सचिव को पत्र लिखकर श्रीवास्तव के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
विज्ञापन
संगठन ने आरोप लगाया है कि मनरेगा में जिला स्तर पर विधि परामर्शी नियुक्त करने का प्रावधान नहीं है। मनरेगा के सहायक आयुक्त और उपायुक्त ही अदालत से जुड़े कामकाज देखते हैं। सुशील को विधि परामर्शी नियुक्त कर हर माह 65,000 रुपये मानदेय दिया जा रहा है। उनका कहना है कि सुशील को हर महीने 40 हजार रुपये पेंशन मिल रही है, लिहाजा यदि उनकी नियुक्ति नियमानुसार होती तब भी उन्हें विधि परामर्शी के रूप में सिर्फ 25 हजार रुपये महीना ही मानदेय मिल सकता है। उनका आरोप है कि उनकी नियुक्ति का शासन से अनुमोदन नहीं कराया गया है। संगठन ने शासन से सुशील को अब तक भुगतान किए गए 9,60,000 रुपये की वसूली और उनके खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
सुशील श्रीवास्तव के खिलाफ शिकायत मिली है। शिकायत के बाद उनका मानदेय भुगतान रोककर मामले में बलिया से रिपोर्ट मंगाई है। - रेणु तिवारी, अपर आयुक्त मनरेगा