पूर्व मंत्री एवं सपा के कद्दावर नेता आजम खां और उनके करीबियों के ठिकानों पर मारे गए आयकर छापों में करीब 450 करोड़ रुपये की गड़बड़ी सामने आई है। छापों के बाद जौहर विश्वविद्यालय में हुए निर्माण कार्यों का मूल्यांकन सीपीडब्ल्यूडी से कराने पर पता चला है कि इसमें करीब 494 करोड़ रुपये व्यय हुए थे। वहीं जौहर ट्रस्ट ने महज 46 करोड़ रुपये व्यय होने का दावा किया था। आयकर विभाग ने अपनी रिपोर्ट ईडी को सौंपी है, जिसमें शामिल तथ्य जौहर विश्वविद्यालय की पूर्व से जारी जांच में शामिल किए जा सकते हैं।
आयकर विभाग की रिपोर्ट में हुए इन खुलासों से साफ हो गया है कि जौहर विश्वविद्यालय के निर्माण में बड़े पैमाने पर टैक्स चोरी को अंजाम दिया गया है। बता दें कि रामपुर शहर के विधायक आकाश सक्सेना की शिकायत पर आयकर विभाग ने आजम खां के खिलाफ जांच शुरू की थी, जिसके दायरे में जौहर विश्वविद्यालय भी आ गया था।
बीते सितंबर माह में आयकर विभाग ने आजम खां और उनके करीबियों के 30 ठिकानों पर छापा मारा था। इस दौरान जौहर ट्रस्ट को चंदा देने वालों से पूछताछ की गयी तो उनमें से तमाम साफ मुकर गये। जांच में सामने आया कि लखनऊ, मुरादाबाद, दिल्ली, बहराइच, नोएडा की तमाम कंपनियों ने जौहर ट्रस्ट को करोड़ों रुपये का चंदा दिया था।
यह भी पता चला कि आजम खां ने जौहर विश्वविद्यालय में दो इमारतों के निर्माण की ही मंजूरी ली थी। जांच में परिसर में 59 इमारतों का निर्माण होने का पता चला। इनमें से तमाम इमारतों के निर्माण में बड़े पैमाने पर सरकारी विभागों का बजट खर्च किया गया था।
तीन मामलों की चल रही जांच
बता दें कि ईडी में आजम खां के खिलाफ तीन मामलों की जांच पहले से चल रही है। इनमें जल निगम भर्ती घोटाला, जौहर विश्वविद्यालय के लिए किसानों से जबरन भूमि लेने और जौहर ट्रस्ट की जांच शामिल है। जौहर ट्रस्ट की जांच में आजम खां के पूरे कुनबे पर ईडी का शिकंजा कसता जा रहा है।