बोर्ड परीक्षा के तनाव में हाईस्कूल के छात्र ने बुधवार फांसी लगा ली। घटना के वक्त छात्र घर में अकेला था। इसके अलावा गोमतीनगर इलाके में लविवि कर्मचारी, पारा में डेयरी संचालक, कबाड़ी और अमीनाबाद इलाके में एक युवती ने फांसी लगाकर जान दे दी।
ठाकुरगंज के शिवाजीपुरम इलाके में रहने वाले मजदूर राजेंद्र गौतम का बेटा हिमांशु गौतम 18 कैंपवेल रोड स्थित इरम इंटर कॉलेज में हाईस्कूल का छात्र था। मां शीला राजाजीपुरम इलाके में एक स्कूल में चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी हैं। राजेंद्र के दो छोटे मंजेश और राघवेंद्र हैं। मंगलवार को राजेंद्र व शीला अपने-अपने काम पर चले गए। दोपहर दो बजे मंजेश और राघवेंद्र बाल काटने के लिए गए थे। घर पर हिमांशु अकेला था। कुछ देर के बाद मंजेश और राघवेंद्र वापस घर लौटे तो कमरे का दरवाजा बंद मिला। दोनों ने बड़े भाई हिमांशु को आवाज लगाई पर कोई जवाब नहीं मिला। दोनों भाइयों ने इस बात की खबर मां व पिता को दी। कुछ ही देर में राजेंद्र व उनकी पत्नी शीला भी घर पहुंच गए। इसके बाद कमरे का दरवाजा तोड़ा गया तो हिमांशु का शव छत में लगे कुंडे में दुपट्टे के सहारे लटकता मिला। सूचना पर पहुंची ठाकुरगंज पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पिता राजेंद्र ने बताया कि 22 फरवरी से हिमांशु के बोर्ड की परीक्षा होनी थी। ऐसी आशंका है कि परीक्षा के तनाव में उसने आत्महत्या कर ली।
लविवि में तैनात लाइब्रेरी कर्मचारी ने लगाई फांसी
गोमततीनगर के विनयखंड में रहने वाली अरविंद सिंह 45 लविवि में टैगोर लाइब्रेरी में बाबू थे। परिजनों के मुताबिक स्वास्थ्य कारणों के चलते 6 माह से छुट्टी पर चल रहे थे। बृहस्पतिवार की सुबह उन्होंने घर के तीसरे मंजिल पर बने किचन में लगे कुंडे में तार के सहारे फांसी लगा ली। सूचना पर पहुंची गोमतीनगर पुलिस ने छानबीन के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि अरविंद ने बीमारी के चलते आत्महत्या की है। उनके परिवार में पत्नी पूनम और दो बेटे हैं। पारिवारिक कलह के चलते
डेयरी संचालक ने दी जान
पारा के डिप्टीखेड़ा अहिरन खेड़ा निवासी संदीप यादव के मुताबिक भाई जितेन्द्र यादव (35) मोहान रोड़ पर यादव डेयरी के नाम से दुकान चलाते थे। बुधवार की रात दुकान बंद कर रहे कर्मचारियों से वो लघुशंका जाने को कहकर दुकान के पीछे गए और मैदान में लगे आम के पेड़ से रस्सी के सहारे फांसी लगा ली। खबर पाकर पहुंचे परिजन उनको रानी लक्ष्मीबाई अस्पताल ले गए जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। उसके परिवार में पत्नी प्रियंका और दो बच्चे है। इंस्पेक्टर बृजेश वर्मा के अनुसार आत्महत्या के पीछे पारिवारिक कलह की वजह बताई गई है।
युवती ने लगाई फांसी, अस्पताल में मौत
अमीनाबाद के मौलवीगंज इलाके में रहने वाली मंजू गौतम 22 लेखराज इलाके में एक प्राइवेट कंपनी में काम करती थी। बुधवार रात 10 से 11 बजे के बीच उन्होंने कमर में लगे पंखे में चादर के सहारे फांसी लगा ली। परिजनों की नजर जब उनपर पड़ी तो वह लोग मंजू को फंदे से उतारकर बलरामपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां कुछ ही देर बाद डॉक्टरों ने उनको मृत घोषित कर दिया। मंजू ने आत्महत्या क्यों की इस बात का पता नहीं चल सका है।
कबाड़ी ने लगाई फांसी
मूल रूप से असम निवासी एकद्दूस अली 26 पारा के देवपुर में झुग्गी-झोपड़ी में रहते थे और कबाड़ का काम करते थे। बृहस्पतिवार सुबह उन्होंने अपनी झोपड़ी में लगी बल्ली में फांसी लगा ली। परिजनों ने बताया कि उनका कुछ माह से गर्भवती पत्नी रोजीना से विवाद चल रहा है और रोजीना पास में ही दो बच्चों के साथ अलग रहती हैं। आशंका है कि पारिवारिक विवाद के चलते एकद्दूस ने फांसी लगाई है।