एसटीएफ के अधिकारियों के मुताबिक डॉ. अखलाक ने पूछताछ में कबूला है कि उसने गुड्डू मुस्लिम को दूसरी जगह भागने से पहले 50 हजार रुपये दिए थे। जांच में ये भी सामने आया है कि डॉ. अखलाक साबरमती जेल में बंद अतीक अहमद और बरेली जेल में बंद अशरफ से लगातार मोबाइल पर बातें करता था। अतीक के इशारे पर ही उसने गुड्डू मुस्लिम को पनाह दी थी।
अब प्रयागराज पुलिस अखलाक को उमेश पाल हत्याकांड में 120बी का आरोपी बनाने जा रही है। डॉ. अखलाक से पूछताछ में ये भी पता चला है कि करीब एक वर्ष पूर्व देवरिया जेल कांड में सीबीआई अतीक के बेटे उमर को तलाशने मेरठ में डॉ. अखलाक के घर पर पहुंची थी। हालांकि उमर कुछ घंटे पहले ही वहां से भाग निकला था।