सपा सरकार में खनन मंत्री रहे गायत्री प्रजापति पर प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शिकंजा और कस दिया है। ईडी ने मुंबई से लेकर मोहनलालगंज तक फैली गायत्री की बेनामी संपत्तियों को मनी लांड्रिंग एक्ट के तहत जब्त किया है, जिनकी कीमत 13.42 करोड़ से ज्यादा है। इसी के साथ एजेंसी के कब्जे में अबतक उनकी 50.37 करोड़ की संपत्ति आ चुकी है। पूर्व खनन मंत्री खनन घोटाले और रेप के केस में वर्ष 2017 से जेल में बंद हैं। फरवरी 2017 को सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लखनऊ के गौतमपल्ली थाने में गायत्री समेत सात लोगों पर गैंगरेप सहित तमाम धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ था।
शनिवार को ईडी ने गायत्री के खिलाफ की गई कार्रवाई का ब्योरा जारी किया। इसके मुताबिक जांच एजेंसी ने मुंबई के मलाड (पश्चिम) में एक अपार्टमेंट में चार फ्लैट, लखनऊ में मोहनलाल गंज और हरिहरपुर में स्थित सात कृषि और आवासीय जमीन के रूप में अचल संपत्तियों को अस्थायी रूप से अटैच किया है। इनकी कुल कीमत लगभग 13.42 करोड़ रुपये है। ये संपत्तियां मनी लांड्रिंग एक्ट के अंतर्गत अटैच की गईं, जो गायत्री के परिवार के सदस्यों और उनके करीबी सहयोगियों की हैं।
ईडी की जांच में खुलासा हुआ कि गायत्री प्रजापति ने प्रदेश का खनन मंत्री रहते हुए अपने आधिकारिक पद का दुरुपयोग किया और अपने परिवार के सदस्यों, करीबी सहयोगियों और दोस्तों के नाम आय से अधिक संपत्ति अर्जित की, जो पूरी तरह से अवैध थी। उनकी आय के ज्ञात स्रोतों की तुलना में ये संपत्ति कई गुना ज्यादा थी।
ईडी के मुताबिक गायत्री और उनके परिवार के सदस्यों ने मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल के दौरान अवैध कमाई को वैध बनाने के लिए हर हथकंडा अपनाया। कई संपत्तियों को नंबर एक दिखाने के लिए फर्जी और बोगस लेनदेन का जाल फैलाया गया। पूर्व मंत्री ने अपने परिवार के सदस्यों के बैंक खातों में भ्रष्टाचार की कमाई जमा की। अवैध रूप से कमाई गई संपत्तियों को ठिकाने लगाने के लिए भरोसेमंद संबंधों का दुरुपयोग किया।
इससे पहले ईडी ने गायत्री प्रजापति के परिवार के सदस्यों, विभिन्न कानूनी संस्थाओं, बेनामी धारकों, रिश्तेदारों, कर्मचारियों और दोस्तों के नाम पर अर्जित जमीन, मकान और बैंक खाते में जमा राशि के रूप में 60 अचल संपत्तियों को कुर्क किया था, जिनकी कुल कीमत 36.95 करोड़ रुपये है। इस मामले में ईडी की जांच अभियान का ये दूसरा चरण था। दोनों जांच अभियानों में अभी तक गायत्री की 50.37 करोड़ रुपये से ज्यादा की संपत्ति अटैच की जा चुकी है।
उल्लेखनीय है कि ईडी ने आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने और आपराधिक कदाचार के कृत्य में गायत्री के खिलाफ उत्तर प्रदेश सतर्कता अधिष्ठान, लखनऊ द्वारा दर्ज की गई एफआईआर के आधार पर वर्। 2021 में जांच शुरू की थी। अभी आगे की जांच जारी है।