इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ पीठ ने फर्जी मार्क्सशीट मामले में भाजपा के पूर्व विधायक इंद्र प्रताप तिवारी उर्फ खब्बू तिवारी की अपील पर फैसला सुरक्षित कर लिया है। तिवारी ने मामले में ट्रायल कोर्ट द्वारा दोषी करार देने खिलाफ अपील दाखिल की है। न्यायमूर्ति दिनेश कुमार सिंह की एकल पीठ ने मंगलवार को सुनवाई के बाद फैसला सुरक्षित कर लिया।
अपीलकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता आईबी सिंह ने दलील दी कि मामले में जो दस्तावेजी साक्ष्य पेश किए गए थे, वे मूल प्रतियां नहीं थीं। ऐसे में उन दस्तावेजों को साक्ष्य नहीं माना जा सकता। वहीं राज्य सरकार की ओर से अपर शासकीय अधिवक्ता उमेश चंद्र वर्मा ने विरोध करते हुए दलील दी कि अपीलकर्ता इस मामले में पूरे तीस साल तक फरार रहा। उसके फरारी से ट्रायल में बहुत विलंब हुआ।
यह भी कहा गया कि मामले की एफआईआर अयोध्या जिले के थाना राम जन्मभूमि में वर्ष 1992 में दर्ज कराई गई थी। मुकदमे के ट्रायल के दौरान अभियोजन ने साक्ष्य के तौर पर पेश किए गए दस्तावेजों की प्रमाणिकता पर कोई प्रश्न नहीं उठाया है। लिहाजा अपील में दस्तावेजों की प्रमाणिकता के विरुद्ध दलील नहीं दी जा सकती।