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Lucknow News : सीएम ने कहा, मौसमी बीमारियों के इलाज की पुख्ता व्यवस्था हो, ओपीडी में समय से बैठें चिकित्सक

Tue, 23 Aug 2022 09:01 PM IST
पंकज श्रीवास्‍तव न्यूज डेस्क, अमर उजाला, लखनऊ

सार

मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अस्पतालों में जांच उपकरणों की कार्यशीलता भी चेक कर ली जाए। जिससे मरीजों को किसी तरह की समस्या न हो।
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ। - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि बरसात के मौसम में कई तरह की बीमारियों के बढ़ने की आशंका है। लिहाजा अस्पतालों में मरीजों के इलाज और दवाओं की पुख्ता व्यवस्था की जाए। ओपीडी में समय से चिकित्सक बैठें। मुख्यमंत्री ने ये निर्देश मंगलवार को लोक भवन में टीम-9 की बैठक में कोविड व अन्य बीमारियों के नियंत्रण की समीक्षा के दौरान दिए। 

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मुख्यमंत्री ने निर्देश दिया कि अस्पतालों में जांच उपकरणों की कार्यशीलता भी चेक कर ली जाए। जिससे मरीजों को किसी तरह की समस्या न हो। अस्पतालों में वायरल व मौसमी बीमारियां से पीड़ितों की संख्या को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग और चिकित्सा शिक्षा विभाग तत्काल सभी सरकारी अस्पतालों, सुपर स्पेशियलिटी व मेडिकल कॉलेजों में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करे। इस संबंध में शिकायत मिलने पर तत्काल कार्यवाही की जाए। समीक्षा बैठक में उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक, पशुधन एवं दुग्ध विकास मंत्री धर्मपाल सिंह, चिकित्सा शिक्षा राज्यमंत्री मंयकेश्वर शरण सिंह सहित विभिन्न विभागों के अपर मुख्य सचिव व प्रमुख सचिव मौजूद रहे।

प्रदेश में कोविड के 561 नए मरीज मिले
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश में ट्रैक, टेस्ट, ट्रीट और टीकाकरण की नीति से कोविड संक्रमण पर प्रभावी नियंत्रण बना हुआ है। इसे निरंतर बनाए रखा जाए। इस दौरान अधिकारियों ने बताया कि पिछले 24 घंटे में प्रदेश में कोविड के 561 नए मरीज मिले हैं। वहीं 389 मरीज कोरोना मुक्त हुए हैं। अब प्रदेश में कोविड के कुल 4463 मरीज हैं। पिछले 24 घंटे में प्रदेश में 68 हजार कोविड टेस्ट किए गए। वहीं प्रदेश में 36 करोड़ 41 लाख 74 हजार से अधिक कोरोना टीके की खुराक दी जा चुकी है। 
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बाल अपराधों के खिलाफ तेज करें कार्रवाई
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिला और बाल अपराधों के खिलाफ  कार्रवाई तेज करने की जरूरत है। ऐसे मामले को प्राथमिकता के साथ निस्तारित कराया जाए। जिलाधिकारी और पुलिस कप्तान महिला व बाल अपराध के लंबित मामलों की समीक्षा करें। अभियोजन प्रभावी हो, इसके लिए ठोस प्रयास करना होगा। एक भी अपराधी छूटना नहीं चाहिए।

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