मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन डिफाल्टर चीनी मिलों ने अभी तक पेराई सत्र 2022-23 का गन्ना मूल्य भुगतान नहीं किया है, उनके विरुद्ध वसूली प्रमाण-पत्र जारी करते हुए गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित कराया जाये। इस सख्ती के बाद बजाज समूह ने एकमुश्त 1,371 करोड़ रुपये की धनराशि अपनी चीनी मिलों से संबद्ध किसानों के खातों में बीते 24 घंटों में भेज दिया है। गन्ना किसानों ने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है।
मुख्यमंत्री के सख्त रुख के बाद चीनी उद्योग एवं गन्ना विकास विभाग द्वारा अन्य बकायेदार समूहों जैसे राणा, यदु, ओसवाल, केसर, सिम्भावली, मोदी और शामली की चीनी मिलों में उपलब्ध चीनी स्टॉक, शीरा, बगास, खोई एवं अन्य सह-उत्पादों की तेजी से बिक्री कर प्राप्त धनराशि से गन्ना मूल्य भुगतान सुनिश्चित कराने के कड़े निर्देश दिये गये हैं।
इसका अनुपालन नहीं करने पर चीनी मिलों को वसूली प्रमाण-पत्र जारी करने की संस्तुति भेजने को कहा गया है। चीनी मिलों पर पैनी निगाह रखते हुए टैगिंग आदेश का अनुपालन सुनिश्चित कराने के भी निर्देश विभागीय अधिकारियों को दिये गये हैं। बता दें कि प्रदेश के 37 जिलों में गठित 3,201 महिला स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से अब तक विभिन्न नव विकसित गन्ना प्रजातियों के उत्पादित 29.50 करोड़ सीडलिंग का वितरण कर गन्ना बीज एवं प्रजाति बदलाव में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया है।
समय से शुरू हों चीनी मिलें
मुख्यमंत्री ने सभी चीनी मिलों में पेराई सत्र समय से शुरू करने के निर्देश दिया है। बता दें कि अब तक 32 चीनी मिलों द्वारा पेराई सत्र शुरू करने हेतु इण्डेन्ट जारी करते हुए गन्ना खरीद प्रारंभ कर दी गई है। उन्होंने स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट के अन्तर्गत पर्ची निर्गमन व्यवस्था की तर्ज पर स्मार्ट गन्ना किसान प्रोजेक्ट से ही एक समान व्यवस्था के अन्तर्गत ऑटोमेटेड गन्ना मूल्य भुगतान प्रणाली लागू करने के निर्देश भी दिए हैं।
वहीं सभी गन्ना समितियों को निर्देशित किया गया है कि गन्ना किसानों की गन्ना आपूर्ति समस्याओं का प्राथमिकता पर निस्तारण सुनिश्चित करायें तथा रबी सीजन के दृष्टिगत उर्वरक एवं कीटनाशक दवाओं की उपलब्धता बनाये रखें। बता दें कि मुख्यालय पर स्थापित टोल-फ्री नम्बर 1800-121-3203 के माध्यम से गन्ना किसानों की समस्याओं का निस्तारण कराया जा रहा है।
छह वर्षों में बढ़ा रकबा
उल्लेखनीय है कि विगत छह वर्षों मे प्रदेश का गन्ना क्षेत्रफल 20.54 लाख हेक्टेयर से बढ़कर 29.66 लाख हेक्टेयर हुआ है। गन्ना उत्पादकता 72.38 टन/हेक्टेयर से बढ़कर 83.95 टन/हेक्टेयर हुई है। प्रदेश में 13.57 लाख नये गन्ना किसान समितियों के सदस्य बने हैं। वहीं 284 नई खांडसारी इकाईयों को लाइसेंस प्रदान किया गया है।
इस अवधि में चार बंद चीनी मिलों (गागलहेड़ी, टोडरपुर (सहारनपुर), बुलंदशहर एवं वीनस (संभल) का दोबारा संचालन तथा तीन नई चीनी मिलों (पिपराईच, मुण्डेरवा एवं रमाला) की स्थापना कराई गयी। इस पेराई सत्र में बंद चीनी मिल (बिडबी-सहारनपुर) पुनः संचालित कराई जा रही है। निजी क्षेत्र की एक नई चीनी मिल (चांगीपुर-बिजनौर) भी शुरू हो रही है।