लखनऊ में निगोहां के अघैया गांव बुखार ने बृहस्पतिवार सुबह 10 साल के बच्चे की जान ले ली। वह चार दिन से बुखार से पीड़ित था। गांव के कई अन्य लोग भी बुखार की चपेट में हैं। इससे दहशत का माहौल है। बुखार से बच्चे की मौत के बाद स्वास्थ्य विभाग की टीम ने गांव पहुंचकर घरों में सर्वे किया और पीड़ितों को दवाएं बांटीं।
निगोहां के अघैया गांव निवासी जलील अहमद का बड़ा बेटा शमी अहमद (10) चौथी कक्षा का छात्र था। बीते चार दिनों से उसे तेज बुखार था। घरवाले निजी क्लीनिक से दवा लेकर उसका इलाज करा रहे थे। बुधवार रात हालत ज्यादा बिगड़ने पर शमी को निगोहां के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। वहां डॉक्टरों ने बच्चे की हालत बेहद नाजुक देख बड़े संस्थान ले जाने के लिए रेफर कर दिया। निजी अस्पताल से बृहस्पतिवार सुबह जिला अस्पताल ले जाते समय बच्चे की मौत हो गई।
उधर, गांव के चंद्रशेखर, माधुरी, सरला दीक्षित, रामलली, सुनीता शर्मा, लल्लन, दिनेश, ललित, परशुराम, छोटू शर्मा, कनिष्का, धर्मू, अरमान व अन्य लोग भी बुखार व जुकाम से पीड़ित हैं। गांव में बुखार से बच्चे की मौत व कई अन्य के पीड़ित होने की सूचना पर सीएचसी अधीक्षक अशोक कुमार अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे और बच्चे के घरवालों से मिलकर जानकारी ली।
60 घरों का हुआ सर्वे
डिप्टी सीएमओ डॉ. मिलिंद वर्धन ने बताया गांव में बुखार से मौत बाद आशा कार्यकर्ताओं ने 60 घरों का सर्वे कर बुखार से पीड़ितों की पहचान की। इन सभी को दवाएं बांटी गईं।
आज लगेगा कैंप, होगी जांच
गांव में बुखार का प्रकोप होने की वजह से स्वास्थ्य टीम शुक्रवार को यहां कैंप लगाएगी। इसमें कोविड, मलेरिया, डेंगू की जांच की जाएगी। साथ ही बीमार लोगों को दवा बांटी जाएगी।