मुख्य सचिव दुर्गाशंकर मिश्र ने वाराणसी में कैंट से गोदौलिया तक बन रहे देश के पहले अर्बन रोप-वे का निर्माण मार्च 2024 तक पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। मुख्य सचिव ने मंगलवार को लोक भवन स्थित समिति कक्ष में आयोजित बैठक में वाराणसी एवं प्रयागराज में रोप-वे के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की।
मुख्य सचिव ने बैठक में कहा कि गर्व का विषय है कि देश का पहला अर्बन रोपवे वाराणसी में बन रहा है। उन्होंने कहा कि वाराणसी रेलवे स्टेशन और रोपवे स्टेशन दोनों की कनेक्टिविटी होनी चाहिए ताकि यात्रियों को असुविधा न हो। मुख्य सचिव ने प्रयागराज में शंकर विमान मंडपम से त्रिवेणी पुष्प तक रोप-वे परियोजना की एनओसी, बिडिंग सहित सभी औपचारिकताओं जल्द पूरा कराकर रोपवे का निर्माण शुरू करने के निर्देश दिए। उन्होंने आर्थिक गतिविधियों के लिए स्टेशनों में ऑफिस स्पेस, होटल, फूड कोर्ट और स्मारिका दुकानों को विकसित करने के निर्देश दिए।
बैठक में वाराणसी में 1174 में से 1050 पाइल्स का कार्य पूरा हो गया है। रथ यात्रा और विद्यापीठ स्टेशन का शत-प्रतिशत कार्य पूरा हो गया है। 130 में से 70 पाइल्स का कार्य दिसम्बर तक पूर्ण हो जाएगा। बैठक में नेशनल हाइवे लॉजिस्टिक मैनेजमेंट लिमिटेड के सीईओ प्रकाश गौड़ सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।
साइबर अपराध रोकने के लिए डिजिटल साक्षरता बढ़ाएं
भारतीय रिजर्व बैंक की राज्य स्तरीय समन्वय समिति की 15वीं बैठक में मुख्य सचिव दुर्गा शंकर मिश्र ने बढ़ते वित्तीय धोखाधड़ी एवं साइबर क्राइम की रोकथाम के लिए डिजिटल साक्षरता को बढ़ावा देने वाले कार्यक्रमों को आयोजित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंकिंग सर्विसेज और डिजिटल ट्रांजक्शन के बारे में लोगों को जागरूक किया जाए। आम नागरिकों से धोखाधड़ी करने वालों के विरुद्ध सख्त एक्शन लिया जाए।
उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश देश की दूसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था वाला राज्य बन चुका है। पहले नंबर पर लाने के लिये निरन्तर प्रयास किये जा रहे हैं। ईज ऑफ डुइंग बिजनेस के तहत प्रदेश में निवेश के लिये अनुकूल वातावरण बना हुआ है। उन्होंने कहा कि प्रदेश के आर्थिक विकास में बैंकिंग सेक्टर की अहम भूमिका है।
पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा आदि योजनाओं द्वारा न्यूनतम दरों पर ऋण उपलब्ध कराया जाता है। बैंकों द्वारा अधिक से अधिक पात्र लाभार्थियों को योजना से लाभान्वित कराया जाए। बैंकिंग सुविधा प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान होनी चाहिये, जिससे लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो। बैठक में महानिदेशक संस्थागत वित्त श्री शिव सिंह यादव, भारतीय रिजर्व बैंक के क्षेत्रीय निदेशक सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।