मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी लोकसेवा आयोग पांच वर्ष पहले बदनाम केंद्र बन गया था। उसके नाम से युवाओं को चिढ़ होती थी, लगता था कि कहीं न कहीं यह प्रदेश के युवाओं से धोखा कर रही है। उस समय की स्थिति चिंताजनक थी, युवा आंदोलनरत था। सीबीआई जांच करानी पड़ी थी। वहां भेदभाव, भ्रष्टाचार की शिकायतें आ रही थीं। अयोग्य को चेयरमैन बना दिया गया था, जो चयन प्रक्रिया को भ्रष्टाचार की गर्त में भेजता था। अब चयन की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी हुई, इसलिए आप भी अपने क्षेत्र में ईमानदारी से प्रदेश के विकास में सहयोग दें और कृषि क्षेत्र में विकास की रफ्तार को डबल डिजिट में पहुंचाने में योगदान दें। मुख्यमंत्री ने शुक्रवार को लोकभवन सभागार में उत्तर प्रदेश लोकसेवा आयोग द्वारा अधीनस्थ कृषि सेवा (वर्ग-1) के लिए चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र वितरित किया। शुक्रवार को मिशन रोजगार के तहत 431 वरिष्ठ प्राविधिक सहायकों को नियुक्ति पत्र दिया गया। सीएम ने कहा कि अभी कुछ चयनित अभ्यर्थियों को नियुक्ति पत्र दिया।
भारत सरकार ने नेचुरल फॉर्मिंग के तहत जो कार्यक्रम लिए हैं। उसमें राज्य सरकार ने गंगा के तटवर्ती के 27 व बुंदेलखंड के सातों जनपदों का चयन किया है। वहां टेस्टिंग लैब स्थापित कर रहे, सुविधा संपन्न कर रहे। मास्टर ट्रेनर उपलब्ध करा रहे। 2020 से इससे जुड़े हैं। अन्नदाता किसानों ने अच्छे प्रयास भी किए। ग्लोबल वॉर्मिंग आने वाले समय में कृषि क्षेत्र का सबसे बड़ा चैलेंज है। इस बारे में गंभीरता से सोचना होगा।
सीएम ने अभ्यर्थियों को दिया मंत्र
सीएम ने नवनियुक्त अभ्यर्थियों को मंत्र देते हुए कहा कि अन्नदाता किसानों से संवाद करें। जिस क्षेत्र में काम कर रहे, सिर्फ उसी की नहीं, बल्कि केंद्र व राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी लेना और प्रगतिशील किसानों के साथ बैठना, समूहों को अपडेट करना और शासन की योजनाओं की कार्रवाई को बढ़ाने में जुड़ेंगे तो बेहतर परिणाम आएंगे। पीएम की मंशा के अनुरूप 5 ट्रिलियन डालर की इकॉनामी बनाने में यूपी को यदि वन ट्रिलियन डॉलर इकॉनामी बनाने में हमें भी योगदान देना होगा। यह हम सबका दायित्व भी है। किसानों के जीवन में परिवर्तन लाकर, शासन की योजनाओं से जोड़कर, जानकारी उपलब्ध कराकर जिम्मेदारियों का निर्वहन कर जनपद व प्रदेश के बारे में बहुत कुछ कर सकते हैं। सीएम ने युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ाते हुए कहा कि आपका कार्य मॉडल बन सकता है। वह आपके नाम से जाना जाएगा। लोग उसे याद रखेंगे।
सूबे में कई जगह देखा है प्रगतिशील किसानों का बेहतर कार्य
सीएम ने कहा कि प्रदेश में कई जगह जाकर प्रगतिशील किसानों का बेहतर कार्य देखा है। पीएम ने मन की बात में इसका जिक्र भी किया है। सुल्तानपुर में ड्रैगन फूड, बिजनौर में प्रगतिशील किसान मिले, उनकी सफलता की कहानी देखी। 6 एकड़ खेती में उन्होंने सफलता की नई कहानी गढ़ी। वह किसान 6 एकड़ खेती में प्रतिवर्ष एक करोड़ की कमाई कर रहा है। मुरादाबाद में एक किसान ने खेती को एक्सपोर्ट का माध्यम बनाया। इसके लिए किसानों को प्रेरित कर सकते हैं।
विकास की प्रक्रिया समान हो तो अव्यवस्था नहीं होगी
सीएम ने कहा कि हमने नीति आयोग के सहयोग से प्रदेश में 100 आकांक्षात्मक विकास खंडों को चयनित किया। इनकी विकास दर अन्य की तुलना में कमजोर है। इन्हें सामान्य विकास खंडों के समानांतर बनाने के लिए आप वहां जाएंगे। वहां पहले से सीएम फेलो की तैनाती की है। वहां कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, स्किल डवलपमेंट व रोजगार समेत 6 पैरामीटर पर कार्य हो रहे हैं। इनमें पैरामीटर कृषि व जल संसाधन भी प्रमुख हैं। उन्हें हर महीने सीएम कार्यालय देखता है। इसका नोडल नियोजन विभाग व संबंधित विभाग भी मॉनीटरिंग कर रहे हैं। उसमें आपकी भी बड़ी जिम्मेदारी होगी।
अव्यवस्था की शिकायत नहीं होगी
सीएम ने कहा कि यूपी में आकांक्षात्मक जिलों के अच्छे परिणाम आए हैं। 2018-19 में नीति आयोग ने देश में 112 आकांक्षात्मक जिले चिह्नित किए थे। इनमें से 8 यूपी के थे। उस समय विकास दर में यह काफी पीछे थे, लेकिन 4-5 वर्षों में नीति आयोग से बेहतर समन्वय बनाकर हम लोगों ने कार्य किया। कोविड-19 के बाद 8 जिलों में विकास की दर देश के टॉप-10 में 5 और टॉप-20 में यूपी के सभी आठों जिले थे। यानि हमने हर क्षेत्र में कुछ अच्छा किया। जिसका परिणाम है कि नीति आयोग के कई पुरस्कार उन जिलों को मिले। हमारा प्रयास होना चाहिए कि हम भी उन जनपदों व विकास खंडों को देखें। हम कैसे योगदान दे सकते हैं। अन्नदाता किसानों की लागत कम, शासन की योजनाओं से जोड़ने व लगातार संवाद बनाकर कार्य करेंगे तो शिकायत की गुंजाइश नहीं रहेगी।
सीएम के हाथों इन्हें मिला नियुक्ति पत्र
हर्षित त्रिपाठी
डॉ. स्तुति कृष्णा
राजमणि सिंह
सूरज मौर्या
विकास मिश्रा
सोमा
डॉ. प्रिया सिंह
चंद्रशेखर शर्मा
अभिषेक कुमार
शुभम सिंह
कुसुमलता
चयनित अभ्यर्थियों ने रखी अपनी बातें
डॉ. स्तुति कृष्णा (वाराणसी) ने कहा कि सबका साथ, सबका विकास व सबका विश्वास की बदौलत पारदर्शी तरीके से नौकरी मिल पा रही है। मैं पूरी ईमानदारी से कार्य करते हुए कृषकों के उत्थान के लिए कार्य करूंगी।
विकास ने कहा कि नियुक्ति पत्र पाकर गौरव की अनुभूति हो रही है। कृषि व अन्नदाताओं को यथासंभव किसानों की खुशहाली का प्रयास करूंगा।
डॉ. प्रिया सिंह ने कहा कि प्रत्यक्ष को प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती। यह सि्दध हुआ। कृषि मूल्य ही जीवनम् की बात कही।
चंद्रशेखर शर्मा ने कहा कि स्वप्न के साकार होने जैसा है। हमारा आत्मविश्वास रसातल में चला गया था। रोजगार का छोटा लाभांश योगी शासन में हमें भी मिला, इसके लिए आभार।
ग्रुप की टॉपर कुसुमलता ने कहा कि नियुक्ति प्रक्रिया पारदर्शी हुई है। कृषि योजनाओं को अन्नदाताओं तक प्रचारित-प्रसारित करूंगी। इससे उनके आय व उत्पादन में कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं।