प्रदेश में अंतर्राष्ट्रीय फिल्म सिटी के निर्माण का अनुमोदन कैबिनेट ने कर दिया है। शुक्रवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन फिल्म सिटी के निर्माण के लिए बिड डाक्यूमेंट और ड्राफ्ट कंसेशन एग्रीमेंट को मंजूरी दी गई। यमुना प्राधिकरण विकासकर्ता के चयन के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बिड जारी करेगा। फिल्म सिटी का निर्माण पीपीपी मॉडल पर होगा, जिसमें लगभग 20 हजार करोड़ रुपये का निवेश होगा। प्रोजेक्ट का पहला चरण अगले वर्ष पूरा हो जाएगा। फिल्म सिटी यमुना एक्सप्रेसवे के किनारे एक हजार एकड़ में प्रस्तावित है। डीपीआर तैयार करने की जिम्मेदारी एक कंपनी को सौंपी जा चुकी थी। इसमें फिल्म स्कूल, पोस्ट प्रोडक्शन फैसिलिटी, थीम पार्क, होटल, फिल्म, टीवी, ओटीटी निर्माण से जुड़े सभी सेक्टर होंगे।
महिला अस्पताल के भवन का होगा ध्वस्तीकरण
राज्य स्वशासी चिकित्सा महाविद्यालय मिर्जापुर के अधीन 88 बेड के महिला चिकित्सालय के पुराने भवन को ध्वस्त किया जाएगा। यहां पर नए भवन बनाए जाएंगे। इस आशय के प्रस्ताव को शुक्रवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के जरिए मंजूरी दे दी गई है। राज्यशशासी चिकित्सा महाविद्यालय मिर्जापुर का संचालन शुरू हो गया है। महाविद्यालय के लिए महिला चिकित्सालय का परिसर भी लिया गया है। यह 88 बेड का चिकित्सालय है। चिकित्सालय का भवन जर्जर हो चुका है। ऐसे में इस भवन को ध्वस्त कर बहुमंजिला इमारत बनाई जाएगी। इस इमारत को हॉस्टल के रूप में प्रयोग किया जाएगा।
इन प्रस्तावों को भी मिली मंजूरी : - उत्तर प्रदेश माल और सेवा कर (द्वितीय संशोधन) अध्यादेश को भी मिली मंजूरी। त्रिस्तरीय पंचायतीराज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2016-17 (भाग-1, भाग-2 व भाग- 3) को राज्य विधान मंडल के सामने प्रस्तुत करने पर सहमति।
उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम के बेड़े में एक हजार नई बसें शामिल होंगी। योगी कैबिनेट ने 1000 नई बसें खरीदने के लिए 400 करोड़ रुपये के बजट प्रस्ताव की मंजूरी दी है। यूपी रोडवेज में अभी 2326 बसें संचालित है। इनमें से कई बसें पुरानी और अवधिपार हो गई हैं। प्रदेश सरकार ने प्रदेश के सभी प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ पड़ोसी राज्यों में बसें चलाने की योजना है। 1000 नई बसें खरीदने से यात्रियों को यात्रा की उचित सुविधा मिलेगी।
संभल ने बनेगा नया बस स्टैंड
प्रदेश सरकार की ओर से संभल में नया रोडवेज बस स्टैंड बनाया जाएगा। बस स्टैंड के लिए परिवहन निगम को निशुल्क भूमि आवंटित करने का प्रस्ताव कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूर किया है।
नगर निगम व विकास प्राधिकरण को मिलेगा नया भवन
अयोध्या नगर निगम व विकास प्राधिकरण के नए कार्यालय भवनों के निर्माण की कार्यवाही अब आगे बढ़ सकेगी। प्रदेश कैबिनेट ने बाई सर्कुलेशन कार्यालय भवनों के निर्माण के लिए अयोध्या विकास प्राधिकरण को कार्यदायी संस्था नामित करने पर अपनी सहमति दे दी है।
अयोध्या में मुक्त विवि का क्षेत्रीय कार्यालय
अयोध्या में हो रहे बहुमुखी विकास के क्रम में उत्तर प्रदेश राजर्षि टंडन मुक्त विश्वविद्यालय, प्रयागराज का क्षेत्रीय कार्यालय खोला जाएगा। शुक्रवार को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन इसके लिए नजूल भूमि को निरस्त करते हुए नई भूमि के आवंटन/ हस्तांतरण को सहमति दी गई। मुक्त विश्वविद्यालय का क्षेत्रीय परिसर खुलने से यहां दूरस्थ शिक्षा से पठन-पाठन को गति देने में काफी आसानी मिलेगी।
एलडीए रिंग रोड पर बनाएगा गरीबों के आशियाने
लखनऊ विकास प्राधिकरण रिंग रोड में गरीबों के घर बनाएगा। इसके लिए रिंग रोड में सार्वजनिक भूमि प्राधिकरण को दी जाएगी। इस प्रस्ताव को कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है।
रिंग रोड पर सार्वजनिक उपयोग की जमीन खाली पड़ी है। इस जमीन पर करीब 500 झुग्गी-झोपड़ी हैं। इन लोगों को वहां से हटाकर उन्हीं के लिए आवास बनाए जाएंगे। ये आवास एलडीए बनाएगा और झुग्गी झोपड़ी में रहने वाले लोगों को सौंप देगा।
दूध उत्पादन में वृद्धि के लिए संशोधनों को मंजूरी
प्रदेश में देशी गाय से दूध उत्पादन बढ़ाने के लिए दुग्धशाला विकास एवं दुग्ध उत्पादन प्रोत्साहन नीति-2022 में संशोधनों को कैबिनेट बाई सर्कुलेशन के माध्यम से स्वीकृति दे दी गई है। इसमें देशी गायों में कृत्रिम गर्भाधान की तकनीक को अधिक से अधिक अपनाया जाएगा। इसके लिए सुविधाओं में वृद्धि होगी। दुग्धशालाओं में भी इसके लिए समुचित कदम उठाए जाएंगे।
उत्तर प्रदेश में इंटरनेशनल स्कूल ऑफ मिलिंग टेक्नोलॉजी (आईएसएमटी) की स्थापना की जाएगी। यह राजधानी लखनऊ के अलीगंज स्थित उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग परिसर में खोला जाएगा। इस प्रस्ताव को शुक्रवार को हुई कैबिनेट बाई सर्कुलेशन मंजूरी दी गई। इंटरनेशनल स्कूल का मिलिंग टेक्नोलॉजी खुलने से यहां के छात्रों को तकनीकी जानकारी मिल सकेगी। साथ ही आटा सहित अन्य खाद्य प्रसंस्करण से जुड़ी मिलों में तकनीकी विकास होगा। परिसर में ही जांच संबंधी लैब, तकनीकी कार्यशाला आदि की स्थापना की जाएगी। उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग के निदेशक डॉ. अतुल कुमार सिंह ने बताया कि उत्तर प्रदेश ही नहीं उत्तर भारत के लिए यह बड़ी उपलब्धि होगा। उन्होंने बताया कि जल्द ही इसकी विस्तृत कर योजना पर चर्चा की जाएगी।
अभी तक इस तरह का कॉलेज मैसूर में चल रहा है। सरकारी क्षेत्र में अन्य किसी प्रदेश में इस तरह का कॉलेज नहीं है। यह सीएसआईआर-केंद्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी अनुसंधान संस्थान, खाद्य विज्ञान और प्रौद्योगिकी और मानव संसाधन विकास विभाग से संयुक्त रूप में जुड़ा हुआ है। यहां आटा पिसाई प्रौद्योगिकी में प्रशिक्षण दिया जाता है। यह कंप्यूटर नियंत्रित पायलट रोलर आटा मिल के साथ जुड़ा होता है। कच्चे माल और तैयार उत्पादों की भौतिक-रासायनिक विशेषताओं के परीक्षण के लिए विश्लेषणात्मक प्रयोगशाला से भी है। इसके अलावा, मिल्ड उत्पादों की गुणवत्ता का आकलन करने के लिए टेस्ट बेकिंग और पायलट स्केल बेकिंग सुविधाएं उपलब्ध हैं।