लोकसभा चुनाव में यूपी की सभी 80 सीटों पर कमल खिलाने के लक्ष्य को पूरा करने के लिए भाजपा बूथों पर 50 लाख से अधिक कार्यकर्ताओं की फौज तैनात करेगी। सभी लोकसभा क्षेत्रों के 161,203 लाख बूथों पर 17,73,233 बूथ कमेटी के सदस्य तैनात किए जाएंगे। वहीं प्रत्येक बूथ पर औसतन 25 पन्ना प्रमुख तैनात किए जाएंगे।
भाजपा ने लोकसभा चुनाव के मद्देनजर बूथ पुनर्गठन और बूथ सशक्तीकरण का कार्यक्रम शुरू किया है। प्रत्येक बूथ पर 11 सदस्यों की टीम तैनात की जाएगी। टीम के प्रत्येक सदस्य को पार्टी के अलग-अलग कार्यक्रमों और अभियान की बूथ स्तर की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। एक बूथ पर करीब 1500 मतदाता मतदान करेंगे। मतदाता सूची के एक पन्ने में करीब 60 मतदाताओं के नाम हैं। ऐसे में प्रत्येक बूथ के लिए करीब 20 से 25 पन्ना प्रमुखों की तैनाती की जाएगी। प्रदेश में करीब 32 लाख से ज्यादा पन्ना प्रमुख तैनात किए जाएंगे। पन्ना प्रमुखों को उनके पन्ने में शामिल मतदाताओं से नियमित संपर्क करने, संगठन की गतिविधियों और सरकार की उपलब्धियों की जानकारी उन तक पहुंचाने के साथ पार्टी को उस पन्ने के मतदाताओं का फीडबैक देने की जिम्मेदारी भी सौंपी जाएगी। पार्टी की ओर से सभी बूथ कार्यकर्ताओं और पन्ना प्रमुखों का डाटा भी तैयार किया जा रहा है। प्रदेश कार्यालय में इसके लिए कॉल सेंटर भी स्थापित किया जा रहा है।
27 हजार अंशकालिक विस्तारकों की होगी तैनाती
बूथ सशक्तीकरण अभियान के लिए भाजपा की ओर से 27 हजार से अधिक शक्ति केंद्रों पर अंशकालिक विस्तारक तैनात किए जाएंगे। विस्तारक शक्ति केंद्रों में स्थित बूथों पर जाकर बूथ कमेटियों का गठन कराएंगे। साथ ही पन्ना प्रमुखों की तैनाती भी कराएंगे।
एक बूथ पर 1500 मतदाता करेंगे मतदान
मतदाता सूची पुनरीक्षण अभियान के बाद 5 जनवरी को प्रकाशित मतदाता सूची के अनुसार प्रदेश में 15,04,67,489 मतदाता हो गए हैं। पहले यूपी में एक मतदान केंद्र पर औसतन 1400 मतदाता मतदान करते थे। मतदान केंद्रों की संख्या 1.63 लाख से अधिक थी। कोरोना काल में एक बूथ पर 1200 मतदाता की औसत संख्या निर्धारित करने के बाद मतदान केंद्रों की संख्या 1.72 लाख तक हो गई थी। निर्वाचन आयोग ने अब प्रत्येक मतदान केंद्र पर मतदाताओं की संख्या बढ़ाकर 1500 कर दी है। ऐसे में मतदान केंद्रों की संख्या घटकर 1,61,203 रह गई है।